उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां सरकारी स्कूल की बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे कक्षा पांच के छात्र के ऊपर छत का प्लास्टर टूटकर गिरा, जिसमें छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे नाजुक हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। चार अन्य छात्र भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद स्कूल की प्रधानाचार्य सुनीता अग्रहरि को निलंबित कर दिया गया है और जिले के सभी स्कूलों की इमारतों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
चिलुआताल थाना क्षेत्र के बालापार गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय की स्थापना १९९३ में हुई थी। यह स्कूल लंबे समय से जर्जर हालत में है। शनिवार सुबह कक्षा ५ में पढ़ाई के दौरान पहली पंक्ति पर बैठे एक छात्र के सिर पर छत का प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा टूटकर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने से छात्र के सिर से खून बहने लगा, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। शिक्षक घायल बच्चे को संभालने में जुट गए।
इसके पहले भी टूटा था छत और छज्जा
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि विगत १७ जून को विद्यालय के बरामदे की छत और छज्जा टूटकर गिर गए थे, जिनका वीडियो बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया था।
जर्जर भवन टपकता पानी
शहर से लेकर देहात तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय विभागीय अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। जर्जर भवनों से कहीं प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं छतों से बारिश का पानी टपक रहा है। दीवारें भी गिरासू हैं। मुख्य गेट पर कीचड़ और बदबूदार कमरों से शिक्षक-शिक्षिकाओं का ही नहीं विद्यार्थियों का भी बुरा हाल है। अभिभावक अपने बच्चों की जान खतरे में डालकर विद्यालय में भेजने के लिए मजबूर हैं। कई ब्लॉक में विद्यालय बंद होने की वजह से दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करने जाना पड़ रहा है।
