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‘योगी’ के राज में अनर्थ! …योगी के अफसरों ने माना..भूमाफियाओं ने फ्रॉड करके बेचा ‘गुरुद्वारा’ 

•तहसीलदार की जांच में पुष्टि
• गुरुद्वारे में रह रहे हैं लोगों की शिकायत पर जांच के बाद अब आरोपी सपा नेता पर लटकी कार्रवाई की तलवार !

विक्रम सिंह/सुल्तानपुर
यूपी में अतिप्रतिष्ठित सिद्ध गोरक्षपीठ के महंत योगी आदित्यनाथ के ‘राज’ में भी भूमाफिया हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अयोध्या के पड़ोस में बसी कुशनगरी सुल्तानपुर में सैकड़ों साल पुराने नानकशाही गुरुद्वारे का बड़ा हिस्सा भूमाफियाओं के नेटवर्क द्वारा बेच डालने के चर्चित प्रकरण ने हकीकत बेपर्दा कर दी है। फिलहाल करीब २० दिनों तक चली जांच के बाद सुल्तानपुर जिला प्रशासन ने भी मान लिया है कि ‘गुरुदारा’ को फ्रॉड करके भूमाफियाओं के नेटवर्क ने बेचा। तहसीलदार सदर ने जांच के बाद मंगलवार को रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी है। अब कार्रवाई की तलवार बैनामा कराने वाले भूमाफिया नेटवर्क पर लटकती नजर आ रही है। प्रकरण में शहर विधायक पूर्व मंत्री विनोद सिंह व बीजेपी जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी के प्रकरण संबंधी पत्र को संज्ञान में लेकर डीएम कुमार हर्ष ने कार्रवाई के आदेश दिए थे।

घटनाक्रम सुल्तानपुर शहर के लखनऊनाका क्षेत्र का है। जहां सुल्तानपुर शहर का सैकड़ों वर्ष पुराना उदासीन पंथ का आश्रम, नानकशाही गुरुद्वारा व मंदिर एक ही परिसर में है। जिसमें पीढ़ियों से दर्जन से ज्यादा किराएदारों के परिवार भी निवास करते आ रहे हैं। पहले इस उदासीन पंथ गुरुद्वारे का प्रबंध गद्दी के नियमानुसार महंत प्रयागदास देखते रहे। उनके महाप्रयाण के बाद उनके शिष्य दशकों तक गुरुद्वारे की गद्दी पर रहे लेकिन करीब साल भर पूर्व उनकी रहस्यमय ढंग से संदिग्ध स्थिति में मृत्यु हो गई। इसके बाद गद्दी के उत्तराधिकारी बने साधोराम। ..लेकिन इधर काफी दिनों तक के देशाटन पर रहे। ऐसे हालात में गुरुद्वारे के करोडों रुपये के बेशकीमती भूखंड व मकान को लेकर भूमाफिया सक्रिय हो उठे और खेल करना शुरू कर दिया। दो-तीन माह पूर्व कागजात में हेराफेरी करके भूमाफियाओं ने गुरुद्वारे का ही बैनामा कर दिया। जब किराएदारों को गुरुद्वारा परिसर खाली करने के लिये धमकियां मिलने लगीं तब मामला गरमाया। इसके बाद करीब दर्जन भर किराएदार संभ्रांत नागरिक व महिलाएं कलेक्टर कुमार हर्ष के सामने पेश हुए। उनसे भूमाफिया की कारगुजारी बताई। सारे मामले में सपा के नगर अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल अब प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में आ गया है।

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