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कुंभ पर महायुति की किरकिरी…११ महीने में ८ पत्र, फिर भी जमीन अधिग्रहण के मुआवजे का प्रस्ताव नहीं!.. फडणवीस सरकार के दावों पर उठे सवाल

सुनील ओसवाल / मुंबई

नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले २०२६-२७ की तैयारियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कुंभ मेले की तैयारियों की जिम्मेदारी मंत्री गिरीश महाजन के कंधों पर है। लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासन की कार्यशैली इन दावों के उलट तस्वीर पेश कर रही है। कुंभ मेले के लिए साधुग्राम, पार्किंग, होल्डिंग एरिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ही सुस्त पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि जमीन मालिकों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण ने बार-बार पत्र भेजे, लेकिन इसके बावजूद नासिक महानगरपालिका की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है कि जब जमीन अधिग्रहण जैसी बुनियादी प्रक्रिया ही समय पर पूरी नहीं हो रही, तो कुंभ मेले की विशाल तैयारियां आखिर किस भरोसे आगे बढ़ रही हैं?
कुंभ मेला प्राधिकरण के अतिरिक्त कुंभ मेला आयुक्त कमलाकर रणदिवे ने महानगरपालिका आयुक्त और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता को स्मरणपत्र भेजकर तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। ६ सितंबर २०२५, १५ मई २०२६, २७ मई २०२६, ३ जून २०२६ और १० सितंबर २०२६ को पत्राचार किए जाने का उल्लेख सामने आया है। इसके बावजूद मुआवजे की अंतिम मांग प्राधिकरण के सामने प्रस्तुत नहीं की गई।
पार्किंग और साधुग्राम की प्रक्रिया अब भी अधूरी
सार्वजनिक निर्माण विभाग के उप अभियंता अभिजीत शेलार के अनुसार, पार्किंग की समस्या को लेकर राजस्व, पुलिस और सार्वजनिक निर्माण विभाग संयुक्त सर्वेक्षण कर रहे हैं। निर्धारित जमीन में वास्तव में उपयोग योग्य क्षेत्र का आकलन अंतिम चरण में है।

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