-खानपान और कार्गो सुविधाओं की कमी का दावा, एनएमआईए ने किया खारिज
सामना संवाददाता / मुंबई
नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत में परिचालन करने वाली प्रमुख विदेशी एयरलाइनों में शामिल अमीरात के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईसा सुलेमान अहमद ने खानपान और कार्गो भंडारण जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जब तक हवाई अड्डे से जुड़ा पूरा विमानन तंत्र विकसित नहीं हो जाता, तब तक एयरलाइनों के लिए यहां परिचालन शुरू करना या उड़ानें स्थानांतरित करना मुश्किल है।
हालांकि, एनएमआईए के सूत्रों ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए दावा किया है कि हवाई अड्डे पर कार्गो संचालन की क्षमता मौजूद है और इनफ्लाइट किचन को जरूरत के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पुराने टर्मिनल-१ के पुनर्विकास के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नई मुंबई स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। अमीरात ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच अतिरिक्त द्विपक्षीय उड़ान अधिकारों की कमी का मुद्दा भी उठाया है।
योजना के सामने बड़ी चुनौती
अहमद के मुताबिक, मौजूदा उड़ान अधिकारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के कारण नई सेवाओं का विस्तार मुश्किल है। अतिरिक्त अधिकार मिलने पर अमीरात नई मुंबई और नोएडा जैसे नए हवाई अड्डों के लिए उड़ानें शुरू करने पर विचार कर सकती है। ऐसे में नए हवाई अड्डे की सुविधाओं और उड़ान अधिकारों को लेकर उठे सवाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार की योजना के सामने चुनौती बन सकते हैं।
