-पुत्र को बनाना चाहता था इंजीनियर
-केरल की घटना ने सभी को चौंकाया
आज के महंगाई के इस दौर में खाने-पीने की वस्तुओं के साथ-साथ शिक्षा भी महंगी हो गई है। यही वजह है कि आज बच्चों को चाहते हुए भी महंगाई के चलते मां-बाप अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते। और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा न दे पाने की निराशा के चलते कभी-कभी मां-बाप को जान तक गंवानी पड़ रही है। ऐसा ही एक चौंकानेवाला मामला केरल से सामने आया है, जहां एक हताश पिता, जो अपने बेटे को इंजीनियरिंग की शिक्षा दिलाना चाहता था, ने अपनी जान दे दी। आत्महत्या करने वाले पिता का नाम वी.टी. शिजो (४७) है, जो केरल के पथानामथिट्टा जिले का रहने वाला है।
स्थानीय अधिकारियों और रिश्तेदारों ने सोमवार को बताया कि वो अपने हालात की वजह से बेटे को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए जरूरी राशि नहीं जुटा पाया था और इससे बहुत आहत था। अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान वी.टी. शिजो के रूप में हुई है। शिजो रविवार शाम को जिले के मूंगमपारा वन क्षेत्र में फंदे से लटके पाए गए। कथित तौर पर बेटे को तमिलनाडु के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने की इच्छा रखता था, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं कर पाया था। उसकी पत्नी लेखा रवींद्रन एक स्कूल में शिक्षिका है, लेकिन उसे भी १२ साल से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है, जिससे परिवार वित्तीय संकट से जूझ रहा था। परिवार का कहना है कि केरल उच्च न्यायालय ने शिक्षा विभाग को वेतन जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन कथित नौकरशाही देरी और जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से कार्रवाई न करने के कारण परिवार तक पैसा नहीं पहुंच पाया।
कई दिनों से तनाव में था पिता
एक रिश्तेदार ने बताया कि वह बेहद तनाव में था, क्योंकि परिवार तमिलनाडु के इरोड में अपने बेटे के कॉलेज में दाखिले के लिए जरूरी पैसे नहीं जुटा पा रहा था। यह ताजा मामला केरल में आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्याओं के एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाता है। हाल के वर्षों में राज्य में कई ऐसी ही त्रासदियां हुई हैं, जिनमें ऋण वसूली और कृषि ऋण से जुड़ी घटनाएं भी शामिल हैं।
