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सूखे की मार से अन्नदाता बेहाल; राहत के नाम पर मजाक… चार लाख रुपए का नुकसान पांच हजार की अग्रिम मदद!

 सामना संवाददाता / मुंबई

खेती में लाखों का नुकसान और दिवाली के लिए पांच हजार रुपए की अग्रिम सहायता! सूखे से परेशान किसानों ने फडणवीस सरकार की घोषणा पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि इतनी रकम से परिवार का पेट भरें, कर्ज चुकाएं या अगली फसल की तैयारी करें? किसानों का कहना है कि जहां नुकसान चार लाख रुपए तक बताया जा रहा है, वहां पांच हजार रुपए की मदद उनकी जरूरतों के सामने बेहद मामूली है। हिंगोली जिले के गोरेगांव स्थित अपर तहसील कार्यालय के सामने किसानों ने नोट उड़ाकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। फसल बर्बाद होने और बीज, खाद, जुताई तथा मजदूरी का खर्च डूबने से परेशान किसानों ने नुकसान के अनुरूप सहायता की मांग की।
शिवसेना विधायक वैâलास पाटील ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रति हेक्टेयर ५० हजार रुपए की सहायता की अपेक्षा रखने वाले किसानों को पांच हजार रुपए की अग्रिम रकम से कितनी राहत मिलेगी? महंगाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तेल का डिब्बा २,७०० रुपए तक पहुंचने पर किसान पांच हजार रुपए में दिवाली वैâसे मनाएगा?
सरकार ने यह रकम अग्रिम सहायता के रूप में घोषित की है। ऐसे में शेष सहायता कितनी होगी और कब मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब जरूरी है। किसान संगठनों की मांग है कि नुकसान का पारदर्शी आकलन हो, पर्याप्त मुआवजा मिले और कर्ज वसूली से राहत दी जाए। त्योहार से पहले घोषणा करने भर से खेती की बर्बादी का संकट खत्म नहीं होगा।
गन्ने की कीमत पर मुंबई-बंगलुरु हाईवे जाम
उधर, कर्नाटक में गन्ने की कीमत बढ़ाने और एथेनॉल संबंधी नीतियों को लेकर किसानों के प्रदर्शन से राष्ट्रीय राजमार्ग-४८ पर यातायात बाधित हुआ। कोगनोली टोल प्लाजा के पास केंद्रित आंदोलन के कारण महाराष्ट्र हाईवे पुलिस को मुंबई और पुणे से बेलगावी तथा बंगलुरु जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाने पड़े। यात्रियों, मालवाहक परिवहन और अंतरराज्यीय व्यापार पर असर पड़ा।

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