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परियोजना को लेकर मनपा की कछुआ चाल!

– जेवीपीडी फ्लाईओवर के नाम पर मुंबईकरों से फिर छलावा
– ट्रैफिक में घिसटने को मजबूर जनता

द्रुप्ति झा / मुंबई

मुंबईकरों को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के नाम पर मनपा केवल निरीक्षण के नाटक और खोखले वादों का ढोंग कर रही है। जेवीपीडी (जूहू-विले पार्ले डेवलपमेंट स्कीम) फ्लाईओवर के काम का जायजा लेते हुए अतिरिक्त महानगरपालिका कमिश्नर अभिजीत बांगड़ ने ३१ दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश देने की बयानबाजी तो कर दी, लेकिन धरातल पर मनपा का लचर रवैया और कुप्रबंधन साफ झलक रहा है। १.७५ किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में ६०० मिमी व ९०० मिमी की जलवाहिनियों को हटाने, १,२०० मिमी मलवाहिनी के लिए माइक्रो-टनलिंग और मेट्रो मार्गिका के साथ समन्वय बिठाने जैसे बुनियादी कामों में मनपा की घोर लापरवाही के चलते आज पूरे पश्चिमी उपनगर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
प्रशासन द्वारा ९० फीट जंक्शन, ७२ मीटर लंबे आर्च ब्रिज और जुहू सर्कल पर विशेष तकनीकों का राग अलापा जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि मनपा की कागजी प्लानिंग के कारण काम कछुआ चाल से चल रहा है। यात्रा का समय ४५ मिनट से घटाकर २० मिनट करने और जुहू, विले पार्ले, अंधेरी तथा वर्सोवा को राहत देने के दावे पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। प्रमुख अभियंता राजेश मुले और सलाहकारों की पूरी फौज साथ लेकर दौरे तो किए जा रहे हैं, लेकिन स्वतंत्र टीमें तैनात करने के बड़े-बड़े निर्देश केवल कागजों तक सीमित हैं।
३१ दिसंबर की डेडलाइन पर सवाल
जेवीपीडी फ्लाईओवर से ४५ मिनट का सफर २० मिनट में पूरा कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन जलवाहिनियों के स्थानांतरण, मलवाहिनी की माइक्रो-टनलिंग और मेट्रो के साथ समन्वय में देरी से काम प्रभावित है। ऐसे में ३१ दिसंबर तक परियोजना पूरी होने की समयसीमा पर सवाल उठ रहे हैं।

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