सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में पड़े सूखे से परेशान जनता और ग्रामीण इलाकों में जनता से किसी भी तरह की वसूली करने से सरकार ने बैंकों को मना किया है। उसके बावजूद कुछ बैंकों द्वारा जबरदस्ती वसूली शुरू होने की किसानों की शिकायतें हैं। इतना ही नहीं स्कूलों व कॉलेजों में फीस के लिए बार-बार तगादा किए जाने से हजारों छात्र शिक्षा छोड़कर घर बैठे हैं। इस वास्तविकता की ओर भी सरकार का ध्यान कब जाएगा। ऐसा सवाल कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने उठाया है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती वसूली करने के लिए बैंकवाले आए तो उन्हें चप्पल से मारो, मैं तुम्हारे साथ हूं।
किसानों के कर्ज का पुनर्गठन किया जाएगा, ऐसा सरकार ने कहा है। उसके बाद भी अकोला सहित कई जिलों में बैंक, पतसंस्था और माइक्रो फाइनेंस के लोग घर में घुसकर महिलाओं के फोटो खींच रहे हैं, ऐसी शिकायतें बार-बार आ रही हैं। अब कोई ऐसे वसूली के लिए आए तो मुझे फोन करो, इस तरह की गुंडागर्दी करने वाले बैंकवालों को हम सबक सिखाएंगे, ऐसा वडेट्टीवार ने कहा। परीक्षा फीस माफी का जीआर देखा जाए तो सिर्फ ३००-४०० रुपए ही माफ किए गए हैं। मेडिकल, इंजीनियरिंग, एमपीएससी की ३ लाख तक की फी और हॉस्टल के किराए के लिए किसान पैसे कहां से लाएंगे, ऐसा संतप्त सवाल भी वडेट्टीवार ने किया है।
