अनिल मिश्र / रांची
-तीन गंभीर रूप से घायल, अवैध कोयला कारोबार को लेकर दशकों से चल रहा है गैंगवार, सरकार को प्रति वर्ष हो रहा है करोड़ों रुपए का नुक़सान
झारखंड प्रदेश के धनबाद जिले, जिसे ब्लैक डायमंड सिटी कहा जाता है, में पिछले कई दशकों से कोयलांचल क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार होता रहा है। इसके कारण कोल इंडिया और झारखंड प्रदेश सरकार को प्रति वर्ष करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं, इस कारोबार में शामिल संगठित गिरोह अरबपति बनकर देश और विदेश में अकूत संपत्ति का साम्राज्य कायम कर चुके हैं।
इस संगठित गिरोह में सफेदपोश और सरकार के नुमाइंदे भी शामिल हैं, जिसके कारण यह अवैध कारोबार सालों से फल-फूल रहा है। वहीं, अवैध कोयला कारोबार पर वर्चस्व स्थापित करने को लेकर एक बार फिर हिंसक टकराव की घटना हुई है।
दरअसल, धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद मस्जिद के समीप स्थित कैलूडीह मैदान के पास कोयले के अवैध कारोबार को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा। इस दौरान दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मोहम्मद तौसीफ (39) को कंधे में गोली लगी, जिसे पहले स्थानीय नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, नीतीश कुमार यादव के पैर में गोली लगी है, जिसका निचितपुर के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। तीसरे घायल का भी वहीं उपचार जारी है।
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाघमारा एसडीपीओ अजीज कुमार विमल, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इस बीच नगर पार्षद मो. शहाबुद्दीन भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार 50 से ज्यादा राउंड गोलियां चली हैं। इस दौरान दोनों गुटों के एक-एक सदस्य समेत कुल तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही कतरास थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों गुटों के लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, देर रात कतरास एसडीपीओ भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
अवैध कोयला कारोबार को लेकर है पुराना विवाद:
जहां यह गोलीबारी हुई, उसके पास ही एक आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट स्थित है। आसपास लंबे समय से अवैध कोयला खनन का धंधा फल-फूल रहा है। साइकिल और बाइक के जरिए चोरी का कोयला लाकर छाताबाद और स्वास्तिक टॉकीज के बीच बड़े पैमाने पर डंप किया जाता है, जहां से इसे ट्रकों के माध्यम से विभिन्न इलाकों में भेजा जाता है। इस अवैध कारोबार पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है।
पिछले साल मार्च में भी इसी तरह की भिड़ंत में मनोज यादव नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में विकास बजरंगी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ताजा घटना ने एक बार फिर इलाके में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले को लेकर एसडीपीओ बाघमारा अजीत कुमार विमल ने पत्रकारों को बताया कि दो गुटों के बीच फायरिंग हुई है। तीन लोगों को गोली लगने की सूचना है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। वारदात में शामिल लोगों को ढूंढ़कर गिरफ्तार किया जाएगा।
आपको बताते चलें कि झारखंड प्रदेश की राजधानी रांची से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोयला नगरी धनबाद में ब्लैक डायमंड यानी कोयले के कारोबार का इतिहास जितना पुराना है, यहां के अपराध की जड़ें भी उतनी ही गहरी हैं। कोलियरियों पर कब्जे और वर्चस्व को लेकर यहां दशकों तक खूनी खेल खेला गया। वक्त बदला, चेहरे बदले और अपराध के तौर-तरीके भी बदलते गए, लेकिन 1950 के दशक के आसपास शुरू हुई धनबाद में गैंगवार की दास्तान और वर्चस्व की जंग अब भी जारी है।
हालांकि अब इसका स्वरूप बदल गया है। अब वर्चस्व की जंग डिजिटल युग और रंगदारी के नए तरीकों में बदल चुकी है। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब तक कोयले के अवैध कारोबार और राजनीति का यह गठजोड़ पूरी तरह ध्वस्त नहीं होगा, तब तक धनबाद की धरती पर शांति की उम्मीद बेमानी है।
प्रशासन को संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। चाहे सरकार किसी की भी हो, जब तक इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक संगठित गिरोह, सफेदपोश, सरकारी मुलाजिम और छुटभैय्ये लोग मालामाल होते रहेंगे और सरकारी राजस्व की लूट होती रहेगी। वहीं, आए दिन गोलियों की तड़तड़ाहट से यह इलाका कांपता रहेगा।
