मुख्यपृष्ठस्तंभएसआरए पुनर्विकास परियोजना में धोखाधड़ी

एसआरए पुनर्विकास परियोजना में धोखाधड़ी

-१८ झोपड़ियों के दस्तावेजों में जालसाजी
-अपात्र को पात्र ठहराकर फ्राड करने का आरोप
-पूर्व मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सामना संवाददाता / मुंबई
एसआरए पुनर्विकास परियोजना में धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आदर्श मेघवाड़ी, जोगेश्वरी-पूर्व स्थित एसआरए पुनर्विकास परियोजना की १८ झोपड़ियों से जुड़े दस्तावेजों में कथित जालसाजी और अनियमितताओं के मामले में पवन कुमार खेतान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक रनबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स एलएलपी ने आरोपी पवन खेतान के खिलाफ मेघवाडी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पवन खेतान उक्त कंपनी में साल २०१९ से दिसंबर २०२४ तक मैनेजर पद पर कार्यरत थे। उनकी जिम्मेदारी एसआरए, मनपा और अन्य शासकीय काम देखना था। एफआईआर के मुताबिक, पवन खेतान ने दिसंबर २०२४ से कंपनी को बिना सूचना दिए काम छोड़ दिया। इस बीच पवन खेतान ने कंपनी के जोगेश्वरी-पूर्व में चल रहे एसआरए प्रोजेक्ट में १८ झोपड़ियों से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल पुनर्विकास परियोजना के सिलसिले में किया गया और अपात्र १८ लोगों को पात्र बताया गया। जबकि इन दस्तावेजों में दर्ज जानकारियों की संबंधित सक्षम प्राधिकरणों से जांच और सत्यापन किया जाना आवश्यक था।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि १८ झोपड़ियों से संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता और उनके समर्थन में उपलब्ध रिकॉर्ड पर सवाल उठने के बावजूद उन्हें कागजात जमा कर दिए थे। कंपनी ने एफआईआर में यह भी बताया है कि आरोपी ने कंपनी के फर्जी लेटरहेड और म्हाडा अधिकारियों के जाली दस्तखत कर म्हाडा और कंपनी को नुकसान पंहुचाया। कंपनी का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की जाए, ताकि पूरे प्रâॉड की सच्चाई सामने आ जाए।
शिकायत के आधार पर मेघवाड़ी पुलिस ने ३१ अक्टूबर २०२६ को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), २०२३ की धारा ३१८(२), ३३६(३), ३३७ और ३४०(२) के तहत एफआईआर दर्ज की है। आगे की जांच पुलिस कर रही है।

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