-`इंडिया’ गठबंधन की महारैली में जुटी भारी भीड़
– खड़गे बोले, ज्ञानेश कुमार
इस्तीफा दें, वरना आंदोलन जारी रहेगा
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान रविवार को इंडिया गठबंधन की महारैली के दौरान राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। सभा में बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। मैदान में भारी भीड़ होने के दावे के बीच कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत बताया। ‘इंडिया’ गठबंधन की महारैली में उमड़ी भारी भीड़ के बीच नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा, ‘देश में एक जनक्रांति की शुरुआत है। शहंशाह का सिंहासन डोल रहा है।’ वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रहेगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं, युवाओं और दलितों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण दे रही है। खड़गे ने यह भी दावा किया कि केंद्र और कई राज्यों में भाजपा की सरकारें ऐसे जनादेश के आधार पर बनी हैं जिसकी निष्पक्षता पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष के सवाल
`इंडिया’ गठबंधन की इस रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर, कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
‘देश में जन-क्रांति की शुरुआत’
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने रैली में शामिल होते हुए कहा, ‘देश में एक जन-क्रांति की शुरुआत है। शहंशाह का सिंहासन डोल रहा है, और देश के लोग साफ संदेश दे रहे हैं कि न संविधान पर हमला चलेगा, न वोट चोरी। राहुल गांधी और पूरे विपक्ष के नेतृत्व में रामलीला मैदान से उठी ये हुंकार, देश के कोने-कोने में जाएगी।’ सुरजेवाला ने कथित वोट चोरी और संविधान पर हमले के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष तेज करने का संकेत दिया। उन्होंने रामलीला मैदान की सभा को देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत बताया।
`भाजपा राष्ट्रीय एकता से डरी हुई है’
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, ‘यह ऐतिहासिक है। अब पूरा देश एकजुट हो गया है, छात्र, किसान, हम सभी एक साथ खड़े हैं और हम देश के लोकतंत्र को बचाकर रखेंगे। ऐसा लगता है कि भाजपा अब इस राष्ट्रीय एकता से, देश के लोगों के इस आंदोलन से डरी हुई है।’ गोगोई ने छात्र, किसान और अन्य वर्गों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए रैली को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का साझा मंच बताया। उनके बयान में चुनावी राजनीति के साथ संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की चिंताएं भी सामने आर्इं।
