-९० के दशक के अंडरवर्ल्ड का खौफ लौटाने की साजिश
-बिश्नोई गैंग की होती है हवाई फायिंरग
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई में कभी दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी के नाम से अंडरवर्ल्ड का खौफ चलता था। एक फोन पर फिल्मी सितारें लाखों रुपए दाऊद के कदमों में लाकर रखते थे। अब वही खौफ और दबदबा फिल्म इंडस्ट्री पर बिश्नोई गैंग जमाना चाहता है, लेकिन बिश्नोई गैंग को अब तक कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। इसके पीछे की अहम वजह है दाऊद और बिश्नोई गैंग का अलग-अलग तरीका। डी कंपनी फिल्मी हस्तियों में डर पैदा करने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के भेजे में सीधे गोलियां उतारी थी। अब मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग अपनी बादशाहत कायम करने के लिए हवाई फायिंरग करवा रहा है।
टायगर पर हुई फायिंरग जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिश्नोई गैंग का मकसद मुंबई में अपनी धाक जमाना और प्रभावशाली लोगों के बीच डर का माहौल पैदा करना हो सकता है। ९० के दशक में दाऊद गैंग जिस तरह कारोबारियों, बिल्डरों और फिल्मी हस्तियों को धमकाकर वसूली करता था, उसी तरह का नेटवर्क खड़ा करने की आशंका की जांच हो रही है। अगर हम ९० के दशक की बात करें तो वह दौर फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खौफनाक रहा।
बिश्नोई गैंग द्वारा फिल्मी हस्तियों को किया गया टारगेट
-१४ अप्रैल २०२४ को सलमान खान के घर पर दो हमलावरों ने गोलियां चलार्इं।
-१ फरवरी २०२६ की रात करीब १२:४५ बजे जुहू स्थित रोहित शेट्टी के आवास के बाहर फायिंरग हुई ।
१८ अक्टूबर २०२६ को शाम करीब ७ बजे जुहू इलाके में पुष्पा नरसी पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई।
