मुख्यपृष्ठनए समाचार१२ से ५ बजे तक गिग वर्क पर रहेगा ग्रहण!

१२ से ५ बजे तक गिग वर्क पर रहेगा ग्रहण!

-५ घंटों की होम डिलिवरी रहेगी बाधित

-खाना-पीना, दवाइयां और सभी सामान की आपूर्ति पर होगा असर

सामना संवाददाता / मुंबई

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने उन लाखों लोगों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है, जो ऐप आधारित कंपनियों के भरोसे अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। तेल कंपनियों ने र्इंधन के दामों में करीब ३ रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया है। इसके बाद गिग वर्कर्स पर ग्रहण लग गया है। खबर है कि अब गिग वर्कर्स ५ घंटे का शटडाउन करके राहत की मांग करनेवाले हैं। ये ऐप आधारित डिलिवरी सिस्टम और कैब व्यवसाय से जुड़े लोग हैं। ऐसे में इस दौरान खाना-पीना, दवाइयां और अन्य सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
प्रति किमी बढ़ाई जाए सर्विस रेट!
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान से जुड़े विवादों के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं, जिसका सीधा असर अब भारत के आम आदमी और खासकर गिग वर्कर्स की जेब पर पड़ रहा है। तेल की नई कीमतों ने देश के करीब १.२ करोड़ गिग वर्कर्स (जैसे डिलिवरी बॉय और वैâब-ऑटो ड्राइवर) के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अब उनका कहना है कि प्रति किलोमीटर उनका रेट बढ़ाया जाए। ‘गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने सरकार और जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, जेप्टो, ओला, उबर, रैपिडो, पोर्टर और अमेजन फ्लेक्स जैसी बड़ी डिजिटल कंपनियों से तुरंत राहत देने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें मुआवजा या बढ़ा हुआ किराया नहीं मिला तो इस सेक्टर में काम करने वाले लोग भारी संकट में आ जाएंगे और वे इस काम को छोड़ने पर मजबूर होंगे।

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