रामदिनेश यादव / मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर जातीय समीकरणों और भाजपा के अंदरूनी संघर्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार में मंत्री गणेश नाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। गणेश नाईक ने कहा कि फडणवीस के ब्राह्मण होने की वजह से उन्हें घेरने और परेशान करने की कोशिश की गई। यहां तक कि उन्हें पद से हटाने की साजिश की गई। नाईक के इस बयान को भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी और अंदरूनी संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के अंदरखाने में कुछ गड़बड़ है। वैसे तो पार्टी सार्वजनिक रूप से जाति-पाति की राजनीति का विरोध करती रही है, पर पार्टी के भीतर कई गुटों और समीकरणों का प्रभाव देखने को मिलता रहा है। ऐसे में नाईक का बयान इस बात की ओर संकेत माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री फडणवीस को बदनाम करने और उन्हें कमजोर करने के लिए पार्टी के अंदर ही एक लॉबी सक्रिय है।
