राजेश सरकार / प्रयागराज
संगम नगरी प्रयागराज में इस वर्ष भी भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के वातावरण में धूमधाम से निकाली गई। पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा की तर्ज पर ‘श्री जगन्नाथ जी रथ यात्रा महोत्सव समिति बड़ा रथ प्रयागराज चैरिटेबल ट्रस्ट’ के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे शहर में “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय हो उठा। रथयात्रा का शुभारंभ हीवेट रोड स्थित श्री शिव-दुर्गा-हनुमान मंदिर से हुआ। भगवान श्री जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को आकर्षक ढंग से सुसज्जित अलग-अलग भव्य रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा की तथा जगह-जगह आरती और स्वागत की व्यवस्था की गई।
महिला श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
रथयात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक रथ की रस्सियां थामकर भगवान के रथ को खींचा। भक्ति गीतों और भजनों की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालु नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरा वातावरण भगवान जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया।
एक किलोमीटर लंबे जुलूस ने बढ़ाई शोभा
लगभग एक किलोमीटर लंबे इस विशाल जुलूस में 10 प्रसिद्ध बैंड, हाथी, घोड़े, ढोल-ताशे और पारंपरिक ‘मढ़-बाजा’ आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान श्री जगन्नाथ का 1 लाख 75 हजार से अधिक रत्नों से जड़ा मुकुट एवं आभूषण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे। समिति की ओर से शाम 7:07 बजे दिव्य ज्योति दर्शन का भी आयोजन किया गया। वहीं, यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शरबत और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। रथयात्रा हीवेट रोड, जानसेनगंज, लोकनाथ, राम भवन और छोटा चौराहा होते हुए मुट्ठीगंज पहुंचकर शाम करीब 7 बजे संपन्न हुई।
19 जुलाई को महाभंडारा, 24 जुलाई को निकलेगी बहुड़ा यात्रा
यात्रा समिति के अध्यक्ष कृष्ण भगवान केसरवानी ने बताया कि समिति पिछले चार वर्षों से पुरी की तर्ज पर प्रयागराज में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन कर रही है। उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को विशाल महाभंडारे एवं महाप्रसाद वितरण के साथ मुख्य आयोजन का समापन होगा। इसके बाद 24 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की मौसी के घर से वापसी की पारंपरिक बहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने इस सफल आयोजन में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं और प्रयागराज की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।
