मुख्यपृष्ठअपराधशोर मचाया तो लुटने से बचा मीडियाकर्मी...पुलिस ने घर तक पहुंचाया

शोर मचाया तो लुटने से बचा मीडियाकर्मी…पुलिस ने घर तक पहुंचाया

 राजेश सरकार / प्रयागराज

संगमनगरी के प्रसिद्ध मंदिरों के आस-पास सक्रिय लोकल क्रिमिनल गैंग्स ने अब मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मीडियाकर्मी राहुल जायसवाल बुधवार रात करीब दस बजे नैनी अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में सावन की तैयारियों की कवरेज करने गए थे। वहां से लौटते समय अरैल बांध रोड पर स्कूटी सवार स्थानीय मनबढ़ बदमाशों ने उनसे मोबाइल और नकदी छीनने का दुस्साहसिक प्रयास किया। हालांकि, सूझबूझ और साहस दिखाते हुए वह शोर मचाने लगे जिससे बदमाश भाग निकले। यह घटना मंदिरों के आसपास पनप रहे स्थानीय अपराधी तंत्र की ओर इशारा करती है, जहां अक्सर श्रद्धालुओं और राहगीरों को निशाना बनाया जाता है।
साहस दिखाया तो लुटने से बचे : स्कूटी सवार दो अपराधियों ने जब उनको रास्ता रोककर लूटने का प्रयास किया। उस वक्त बिना डरे तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर स्थानीय लोगों की हलचल बढ़ते ही बदमाश फरार हो गए। फिर उन्होंने इंस्पेक्टर नैनी को मोबाइल से सूचित किया। इसके बाद इंस्पेक्टर ने तत्काल अरैल चौकी पुलिस को मौके पर भेजा। चौकी के सिपाही बेहद डरे राहुल जायसवाल को घर तक छोड़ कर आए।
लोकल क्रिमिनल एक्टिविटीज का गढ़ बन रहा पौराणिक अरैल मंदिर
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सोमेश्वर महादेव मंदिर या अरैल घाट के आस-पास इस तरह की गतिविधि देखी गई हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिरों के पास अंधेरे और सुनसान जगह का फायदा उठाकर स्थानीय स्नैचर्स सक्रिय रहते हैं। देर शाम दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को ये गैंग सॉफ्ट टारगेट बनाते हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही अरैल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इलाके में कांबिंग की, लेकिन तब तक आरोपी दूर निकल चुके थे। फिलहाल पुलिस मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि इन स्थानीय लुटेरों की पहचान की जा सके। इस घटना के बाद से सोमेश्वर महादेव मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता है।

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