बुनती जिंदगी…

अजब डिजाइन का मेरा स्वेटर बुनती जिंदगी
हरेक सीधे के बाद दो फंदे उल्टे बुनती जिंदगी
देखती रहती है! जो कहा नहीं वह सुनती जिंदगी
मुझमें खामियां हजार मुझे कब इनकार
काश उधेड़ कर फिर से मुझे बुनती जिंदगी

-डाॅ. रवीन्द्र कुमार

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