सत्य सनातन धर्म विचारक,
हिंदू हित चिंतक प्रचारक,
एकात्म मानववाद दर्शन संचारक,
राजनीति साहित्य उत्प्रेरक!
बसुधैव कुटुंबकम के अद्भुत प्रेरक,
कलमकार, प्रबुद्ध चिंतक व लेखक,
दरिद्रनारायाण के उत्कृष्ट उपासक,
राष्ट्र भक्त, पत्रकार, साहित्य के सेवक !!
सनातन विचारों में दूर दृष्टि,
योग साधना क्रिया समष्टि,
मानववाद एकात्म की दृष्टि,
सृष्टि, जीवन मूल्य की पुष्टि !!
लेखन उम्दा थे अतिबोध,
सदैव कराते सबको बोध,
मानव जीवन सृष्टि पर शोध,
दूर हटाते सब अवरोध !
प्राण वायु सी व्यथा लेखनी,
रचते देश, दुनिया की कथनी,
जैसी करनी सम वैसी भरनी,
शब्द, छंद में जीवन तरिणी !
सुंदर आंखें क्या अद्भुत तेज ?
शिखर पुरुष लिखे अंतिम पेज,
“हत्यारिन राजनीति “पुस्तक दस्तावेज,
डर भय से न रहा कभी गुरेज !
राजनीति में मिट गए टूटा वजूद,
मृत्यु में आज भी संदिघ्ता मौजूद,
मुगल सराय जं.(पं.दीनदयाल उपाध्याय जं.) में गिरे हिंदू दूत,
मौत की खबर हुआ देश अश्रुभूत !
उन षड्यंत्रकारियों के क्या थे उसूल ?
जिस संत के त्याग, तपस्या थे बहुमूल्य,
मानवता, दरिद्रनारायण सेवा लक्ष्य थे अमूल्य,
ऐसे शख्सियत थे पं. दीनदयाल जी देवता तुल्य !!
विद्वता, योग्यता, अर्थशास्त्री, साहित्य में अजूबा,
मानवता फूल था करते निर्धन देवों की पूजा,
राष्ट्रीयता के धार, व्यक्ति खुद्दार, उम्दा चिंतन थे तजुर्बा,
नहीं मिलेंगे देश में ऐसे संत-महात्मा अब दूजा !
जनसंघ के पुकार थे जन जन के जयकार,
पत्रकारिता में ललकार थे साहित्य के फुफकार,
हिंदुत्व के हूंकार थे मानवता के स्वीकार,
लक्ष्य दरिद्रनारायण पूजा, एकात्म मानववाद, परोपकार !!
-आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’
धनबाद, झारखंड
