सामना संवाददाता / मुंबई
एच१बी वीजा शुल्क बढ़ोतरी की समस्या सिर्फ विदेशी आक्रमण की नहीं है, बल्कि उससे भी बड़ी समस्या भारत सरकार की चुप्पी है। इस पर केंद्र सरकार की आश्चर्यजनक चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अगर आत्मनिर्भर हिंदुस्थान और मेक इन इंडिया जैसी घोषणाएं सच में जमीन पर उतरी होतीं, तो आज इतना बड़ा भ्रम और संकट खड़ा नहीं होता। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता, विधायक व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने किया।
सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने कहा कि डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया और टैक्स बढ़ोतरी ने देश को पहले ही गहरा झटका दिया है। सत्ता पक्ष की बातें चाहे जितनी साहसी सुनाई दें, लेकिन कठोर सच्चाई की ओर देखना जरूरी है। एच१बी वीजा शुल्क बढ़ोतरी के फैसले पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ लाखों हिंदुस्थानी नौकरीपेशा लोगों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें काम पर रखने वाली कंपनियों पर भी होगा। इतना ही नहीं बेहतर करियर और जीवन बनाने के लिए मेहनत कर रहे हजारों युवाओं की आकांक्षाओं को भी इससे गहरा धक्का लगेगा। आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले ११ वर्षों में किए गए विदेशी दौरों से देश की विदेश नीति को कितना लाभ हुआ, इस पर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन हमें हिंदुस्थानियों को यह जानने का हक है कि हमारी सरकार अमेरिका से क्या बातचीत कर रही है।
