अनिल मिश्र / गयाजी
राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु ने अपने पूर्वजों और पितरों की आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष के मौके पर गयाजी में चल रहे पितृपक्ष मेला के अवसर पर आज गयाजी में पिंडदान और तर्पण कर अपने पति, पिता और मातृ पक्ष एवं पितृपक्ष और ससुर पक्ष के कुल एवं गोत्र की उद्धार एवं मोक्ष प्रदान करने हेतु यह कार्य संपन्न किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने पूर्वजों और पितरों की आत्मा की शांति के लिए गयाजी में पिंडदान किया। उनके साथ बिहार प्रदेश के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान उनके साथ मंदिर परिसर तक गए। राष्ट्रपति दो घंटे से अधिक समय तक मंदिर में रहीं और सभी अनुष्ठान सम्पन्न किए। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद वह एक विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। इससे पहले राष्ट्रपति आज सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिहार प्रदेश की धार्मिक नगरी गयाजी पहुँचीं। उन्होंने यहां चल रहे विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेले में पूजा-अर्चना भी की।
गौरतलब हो कि विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला अपने भव्यतम रूप में चल रहा है, और इस पावन अवसर पर आज सुबह देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मोक्ष भूमि गयाजी पहुंचीं। राष्ट्रपति महोदया ने यहाँ विष्णुपद मंदिर और अनतः सलिला फल्गु नदी एवं अक्षयवट में पिंडदान एवं श्राद्ध कर्मकांड किया।गयाजी के विष्णुपद मंदिर परिसर में उन्होंने पिंडदान किया है। उन्होंने अपने स्वर्गीय पति, पिता और समस्त पूर्वजों का पिंडदान किया है, उन्होंने विष्णुपद मंदिर परिसर में बैठकर विष्णुपद, देवघाट और अक्षयवट के लिए पिंडदान का कर्मकांड पूरा किया।उनका पिंडदान उनके तीर्थ पुरोहित एवं गयपाल पंडा राजेश लाल कटारिया ने पिंडदान का कर्मकांड पूरा करवाया। पितृपक्ष के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को गयाजी पहुंची. उनके के साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे।गयाजी हवाई अड्डा पर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वे वहां से विष्णुपद मंदिर के लिए रवाना हुई. राष्ट्रपति ने अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंची,जहां से वे सड़क मार्ग से सीधे विष्णुपद मंदिर पहुंची। इस दौरान उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। साथ ही पिंडदान को लेकर विष्णुपद मंदिर में भी विशेष व्यवस्था की गई थी। वहीं ओड़िशा क्षेत्र के पुरोहित मंगल झांगर के नेतृत्व में गयपाल पंडा राजेश लाल कटारिया ने पिंडदान का कर्मकांड की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।इसै मौके पर स्थानीय पुरोहित मंगल झांगर ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति को लेकर पिंडदान कर्मकांड किया गया । पूरे धार्मिक विधि विधान के अनुसार पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान राष्ट्रपति को गयाजी में होने वाले पिंडदान कर्मकांड के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई । द्रौपदी मुर्मू के द्वारा पहली बार गया आकार पिंडदान कर्मकांड किया गया है। इससे पहले उनके पूर्वजों ने भी यहां पिंडदान किया था,इससे संबंधित दस्तावेज भी उन्हें दिखाए गए।उन्होंने कहा कि विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के द्वारा कुछ दिन पूर्व यह सूचना दी गई थी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पिंडदान करने गया आ रही हैं। इसके बाद आज पिंडदान कर्मकांड संपन्न कराया गया है। पिंडदान करने के बाद वे वापस लौट गई। गौरतलब हो कि इससे पहले ज्ञानी जैल सिंह और आर वेंकटरमण ने भी राष्ट्रपति बनने के बाद यहां आकर पिंडदान किये हैं।
