मुख्यपृष्ठनए समाचारहाई राइज इमारतों में रिस्क भी हाई

हाई राइज इमारतों में रिस्क भी हाई

-एक और ऊंची इमारत आग की चपेट में

-अधिकतर इमारतों में हो रहा शार्ट-सर्किट

सामना संवाददाता / मुंबई

शान से रहने के लिए लोग करोड़ों रुपए खर्च कर ऊंची इमारतों में घर खरीदते हैं, लेकिन अब यही इमारतें दहशत और मौत का सबब बन रही हैं। मुंबई में लगातार कई हाईराइज इमारतें आग की चपेट में आ चुकी हैं। आश्चर्य इस बात का है कि जांच में यह पता चला है कि ज्यादातर आग शार्ट-सर्किट से लगी हैं। इसके अलावा मौतें जो हुर्इं, वे दम घुटने से हुई हैं। इससे यही साबित होता है कि इमारतों में सुरक्षा के इंतजाम और इलेक्ट्रिक वायर की गुणवत्ता पर मनपा लापरवाही बरत रही है।
ताजी घटना कांदिवली-पश्चिम इलाके की है। रविवार सुबह एक १६ मंजिला ऊंची इमारत में आग लगने की घटना हुई। इस हादसे में आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन लोगों को धुएं से दम घुटने के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इमारत के रहनेवालों का कहना है कि आग लगने के बाद धुआं निकलने का कोई रास्ता ही नहीं था, जिसकी वजह से कई लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। तीन दिन पहले जोगेश्वरी-पश्चिम में एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई थी। जानकारी के मुताबिक, गांधी स्कूल के पास जेएनएस बिजनेस सेंटर में सुबह करीब १०.५० बजे आग लगी थी। जोगेश्वरी में १३ मंजिला इमारत में आग लगने से १७ लोग घायल हो गए थे। ९वीं से १३वीं मंजिल तक फैली आग में २७ लोग फंस गए थे। सभी को बड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया। १२ अक्टूबर को नई मुंबई के खारघर में एक १९ मंजिला रिहायशी इमारत में आग लग गई थी।
सुरक्षा खामियां बन रहीं वजह
आग ग्राउंड फ्लोर पर बने इलेक्ट्रिकल मीटर केबिन में लगी और इलेक्ट्रिकल डक्ट से पैâल गई। धुएं से पूरी इमारत भर गई, जिससे कई लोग फंस गए और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। फायरब्रिगेड की टीमों ने १५ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दिवाली की रात नई मुंबई वाशी के रहेजा कॉम्प्लेक्स में १९ मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी, जिसमें चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए थे।

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