मुख्यपृष्ठनए समाचारअरैल में अवैध मिट्टी खनन से माघ मेला बसावट में होगी बाधा

अरैल में अवैध मिट्टी खनन से माघ मेला बसावट में होगी बाधा

राजेश सरकार
प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार युद्धस्तर पर जुटी है। मुख्यमंत्री के आने के बाद से मेला बसाने की तैयारियां व्यापक स्तर पर शुरू है। लेकिन अभी तक अरैल देवरख में गंगा-यमुना के तट पर चल रहे अवैध मिट्टी खनन पर रोक नहीं लगाई गई है। जबकि यह क्षेत्र मेला के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। सारे वीआईपी टेंट, आश्रमों के शिविर और संगम नोज जाने के लिए लंबे पीपा पुल इसी क्षेत्र में बनाए जाते हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि अभी भी रात के समय भारी फोकस लगाकर भोर पहर तक मिट्टी खनन जोरों पर चल रहा है। मिट्टी के अवैध खनन से अरैल तट पर माघ मेला बसावट में बाधाएं आएंगी यह तय है। जबकि 20 नवंबर को नगर विकास व शहरी समग्र विकास एवं उर्जा मंत्री एके शर्मा ने प्रयागराज के सर्किट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों संग मेला सम्बंधी कार्यों की प्रगति के बारे में समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया था कि इस बार माघ मेला में अरैल के घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। लिहाजा यहां से मेला क्षेत्र को जोड़ने के लिए पुल होना चाहिए। यह भी कहा था कि यदि तैयारियों में बाधा नहीं पहुंचे और समय हो तो पुल अवश्य बनाए जाने के प्रयास होने चाहिए। अवैध खनन वाले जगहों पर ही यानी डीपीएस और आशाराम बापू आश्रम के सामने ही पीपा पुल का निर्माण होगा। लेकिन मिट्टी खनन से पूरा तट ऊंचा-नीचा हो चुका है। पुल निर्माण में भारी बाधा आएगी। खनन के कारण रेत और मिट्टी की परत बिलकुल पतली हो गई है और पीपा को टिकाने में भारी परेशानी होगी। ऐसे में संगम नोज पर भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को अरैल की तरफ भेजने में माघ मेला प्रशासन को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मंत्री एके शर्मा ने समीक्षा बैठक में उक्त महत्वपूर्ण मसले पर भी गंभीरता से चर्चा की थी। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मेला में श्रद्धालुओं को पहले से ही जागरूक किया जाना तथा उनको बताना होगा कि संगम क्षेत्र बहुत बड़ा और सभी घाट संगम है। निकटतम घाटों पर संगम एक, संगम दो, संगत तीन जैसे साइनेज लगाने के भी उन्होने निर्देश दिए थे।
– माघ मेला से जुड़े सभी कार्य 15 दिसंबर तक पूरे करने के निर्देश
उर्जा मंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि माघ मेला से जुड़े सभी विभाग 15 दिसंबर तक अपने काम पूरे कर लें। जल की शुद्धता, पाण्टून पुलों के निर्माण, चकर्ड प्लेट बिछाए जाने के काम को समय से पूरा करने पर मंत्री ने विशेष जोर दिया था।

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