कैंटीन कर्मचारी की पिटाई को लेकर संपूर्ण विपक्ष हुआ आक्रामक
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार के विधायक बेलगाम होते जा रहे हैं। विधायकों में सीनियर नेताओं के प्रति बोलने का शिष्टाचार भी नहीं है। ऐसा आरोप विपक्ष के नेताओं की ओर से लगाया गया है। एक दिन पहले जहां भाजपा के विधायक गोपीचंद पडवलकर ने शरद पवार परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की तो वही शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड गरीब वेटर की पिटाई कर खुद को बहादुर समझ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बेकाबू होते विधायक सीएम फडणवीस के कंट्रोल से बाहर वैâसे हो सकते हैं? इनके ब़ड़बोलेपन से खुद भाजपा के लोग भी परेशान नजर आ रहे हैं। संजय गायकवाड़ के बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा है कि घमंडी विधायक का घमंड इसी सत्र में तोड़ना जरूरी है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि विधायक संजय गायकवाड के खिलाफ कार्रवाई की मांग हमने विधानसभा में की है। ऐसे घमंडी और उद्दंड विधायक का घमंड इसी सत्र में तोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संजय गायकवाड ने जिस तरह से मारपीट और गुंडागर्दी की है, इस पर भ्रष्टनाथ शिंदे क्या बोलने वाले हैं? क्या यह राष्ट्रीय चैनलों पर चलेगा? क्या भाजपा के साथ गठबंधन में होने के कारण वे चुप रहेंगे? ऐसे सवाल आदित्य ठाकरे ने उठाए।
बता दें कि शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड विधायक निवास की वैंâटीन में खराब खाना परोसे जाने के कारण का आरोप लगाते हुए वे लुंगी और बनियान में ही सीधे वैंâटीन में पहुंचे और कर्मचारी की जमकर कुटाई कर दी। विधायक की इस गुंडई से जहां महाराष्ट्र की जनता स्तब्ध है, वहीं इसे लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आर्इं।
विधायक को करें बर्खास्त -अनिल परब
विधान परिषद में शिवसेना विधायक एड. अनिल परब ने कहा कि एक बेलगाम विधायक बनियान और लुंगी पहनकर विधायक निवास की वैंâटीन के कर्मचारी को बॉक्सिंग की तरह पीट रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। खराब क्वालिटी का भोजन मिलने पर यह विधायक दबंगई कर रहा है। यह सभ्य महाराष्ट्र को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि क्या विधायकों के व्यवहार के कुछ नियम नहीं हैं? क्या ये लोग गली-मोहल्ले के लोग हैं? इससे सरकार की छवि खराब हो रही है। क्या आप ऐसे लोगों का समर्थन करेंगे? क्या आप ऐसे लोगों के समर्थन से सरकार चलाएंगे? उन्होंने इस तरह के सवालों की बौछार की। साथ ही सरकार से मांग की कि ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई करें। उन्हें निलंबित करें, बर्खास्त करें।
गुंडागर्दी करने वाले विधायक पर हो कार्रवाई -हर्षवर्धन सपकाल
विधायक निवास के वैंâटीन कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले विधायक संजय गायकवाड का यह कोई पहला मामला नहीं है। यह महाशय बार-बार दादागीरी करते हैं, महापुरुषों का अपमान करना, गालियां देना, धमकी देना, ऐसे कारनामे वे लगातार करते रहते हैं। ऐसे गुंडा प्रवृत्ति वाले विधायक को पार्टी वैâसे संरक्षण दे सकती है? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को तुरंत संजय गायकवाड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह की मांग कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
कोई पछतावा नहीं है -संजय गायकवाड
संजय गायकवाड़ ने साफ कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। गायकवाड ने बताया कि पहला कौर लेते ही दाल का स्वाद खराब लगा। मुझे लगा शायद इसमें इमली डाली होगी इसलिए रोटी के साथ दूसरा कौर खाया तो उल्टी जैसा महसूस हुआ। जब मैंने दाल को चेक किया तो वह पूरी तरह सड़ी हुई थी। बहुत ही गंदा खाना परोसे जाने के कारण मुझे गुस्सा आ गया और मेरा स्वभाव सामने आ गया।
विधायक का व्यवहार गलत -मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि खराब गुणवत्ता का भोजन मिलने पर शिकायत की जा सकती है, लेकिन इस तरह मारपीट करना उचित नहीं है। विधायक के ऐसे व्यवहार से जनप्रतिनिधियों की छवि पर असर पड़ता है। जनता के बीच गलत संदेश जाता है। लोगों का दृष्टिकोण विधायकों के प्रति बदल जाता है। सभापति और विधानसभा अध्यक्ष को इस पर ध्यान देकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह की सिफारिश भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभापति राम शिंदे से की है।
