सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कई दिनों से मुंबई में कबूतरों को खाने का मुद्दा गर्माया हुआ है। इस विवाद के बीच कुछ कबूतरों की मौत हो गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए कल जैन समुदाय की ओर से मुंबई में धर्मसभा आयोजित की गई। इस धर्मसभा के बाद मौजूद सभी जैन मुनियों ने एक साथ प्रेस कॉन्प्रâेंस कर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब हमारी भी एक पार्टी होगी, हम भी चुनाव लड़ेंगे। हम मनपा चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे। हमें ‘कबूतर पार्टी चिन्ह’ चाहिए। जो शांति का प्रतीक है। इस घोषणा के साथ जैन मुनि निलेश मुनि ने नई पार्टी ‘जन कल्याण पार्टी’ की स्थापना की घोषणा की। धर्मसभा के दरम्यान जैन मुनि वैâवल्य रत्न महाराज के इस बयान से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। उन्होंने आगे कहा कि मैं डॉक्टरों को भी मूर्ख मानता हूं। एक-दो लोग रोजाना मर ही रहे हैं? हर दिन आम आदमी मरता है, उसकी चिंता सरकार क्यों नहीं करती। उन्होंने आगे कहा कि जैन धर्मावलंबी लोग देश में सबसे ज्यादा टैक्स भरते हैं। बता दें, मुंबई के दादर स्थित प्रसिद्ध कबूतरखाना को लेकर पिछले कुछ दिनों से भारी विवाद चल रहा है। मुंबई उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के मद्देनजर कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगाई थी। अदालत का कहना था कि लगातार पक्षियों को खिलाने से इलाके में गंदगी और संक्रमण पैâलता है। लेकिन इस आदेश के खिलाफ जैन समुदाय ने तीव्र विरोध शुरू कर दिया। जैन धर्मावलंबियों का कहना है कि कबूतरों को अन्न देना उनके धार्मिक कर्तव्य का हिस्सा है और यह रोक उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।
