मुख्यपृष्ठस्तंभजीवन दर्पण : लाभ के लिए पढ़ें हनुमान चालीसा

जीवन दर्पण : लाभ के लिए पढ़ें हनुमान चालीसा

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरी परेशानियां दूर नहीं हो रहीं। कृपया उपाय बताएं? -राजेश श्रीवास्तव
(जन्म- १७ मई १९७०, समय- दिन ८:२९ बजे, स्थान- दादर, मुंबई)
राजेश जी, आपका जन्म रविवार के दिन हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि कन्या बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम देखें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म हुआ है और मिथुन लग्न का स्वामी बुध आपकी कुंडली में लाभ भाव पर बैठा है। आपकी कुंडली में पराक्रम भाव पर केतु एवं भाग्य भाव पर राहु बैठ करके भाग्य ग्रहण दोष बना रहे हैं, जिसकी वजह से आपका कोई भी कार्य निरंतर नहीं होता और उसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है। आपकी कुंडली में भाग्य ग्रहण दोष बना हुआ है। आपकी कुंडली में १२वें भाव पर वृषभ राशि का शुक्र, मंगल और सूर्य बैठा हुआ है, इससे यह संकेत मिल रहा है कि आपका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं रहा होगा। वर्तमान समय में अगर हम देखें तो शनि की महादशा में केतु का अंतर चल रहा है, जिसकी वजह से भाग्य ग्रहण दोष ने आपको प्रभावित किया हुआ है। ४३ दिनों तक मछलियों को चारा डालें और यदि संभव हो तो भाग्य ग्रहण दोष की पूजा वैदिक विधि से करवाएं।
गुरुजी, मेरी शिक्षा कैसी होगी?
-अनुषा जितेंद्र पटेल
(जन्म- १२ मार्च २०१६, समय- दिन में २:०६ बजे, स्थान- दादर, मुंबई)
अनुषा जी, आपका जन्म शनिवार के दिन भरणी नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि मेष बन रही है। यदि लग्न के आधार पर हम देखें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म हुआ है। मिथुन लग्न का स्वामी बुध आपकी कुंडली में भाग्य भाव पर बैठ करके केंद्र त्रिकोण राजयोग बना रहा है। यदि कुंडली में हम आपकी शिक्षा के बारे में देखें कि आपकी शिक्षा वैâसी होगी तो शिक्षा का विचार पंचम भाव से किया जाता है। पंचम भाव का स्वामी शुक्र आपकी कुंडली में भाग्य भाव पर बैठा है और भाग्य भाव पर ही बुध, सूर्य, केतु और शुक्र ये चार ग्रह बैठ करके चतुर्ग्रही योग और भाग्य ग्रहण दोष बना रहे हैं। भाग्य ग्रहण दोष के कारण जीवन में उतार-चढ़ाव की संभावनाएं प्रबल बनी रहती हैं, लेकिन आपकी राशि मेष है इसलिए आपकी शिक्षा बहुत अच्छी होगी। एकाग्रता के साथ काम करने के साथ ही बड़ों की बातों को अनसुनी न करें, क्योंकि आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती भी प्रारंभ हो गई है। इसके लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना आपके लिए ज्यादा लाभदायक होगा। जीवन के विस्तार को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
गुरुजी, कृपया मेरी राशि बताएं?
-अयांशी पटेल
(जन्म- १ दिसंबर २०२२, समय- रात्रि ९:४५ बजे, स्थान- कल्याण, थाना)
अयांशी जी, आपका जन्म गुरुवार के दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि कुंभ बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम देखें तो कर्क लग्न में आपका जन्म हुआ है और कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठा है। लग्न भाव का स्वामी यदि अष्टम भाव पर बैठता है तो थोड़ा स्वास्थ्य में कभी-कभी शीत के कारण दिक्कत होती है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बृहस्पति आपकी कुंडली में भाग्य भाव का स्वामी हो करके भाग्य भाव पर बैठकर लग्न को अपनी पूर्ण दृष्टि से देख रहा है इसलिए आप पूरी तरह से स्वस्थ रहेंगे। शिक्षा की बात करें तो आपकी शिक्षा बहुत अच्छी होगी, क्योंकि बृहस्पति की पूर्ण दृष्टि पराक्रम भाव के साथ ही पंचम भाव पर भी पड़ रही है, जहां से एजुकेशन का विचार किया जाता है। आपकी राशि कुंभ है और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है इसलिए संभव हो तो शनि की साढ़ेसाती का उपाय करें तो ज्यादा बेहतर होगा। जीवन को विस्तार से जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

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