-कोर्ट ने सुनाई १० साल की सजा
कहते हैं इस दुनिया में मां की गोद ही सबसे महफूज जगह होती हैं, जहां बच्चा अपनी सारी दुख, तकलीफें भूल जाता है। मां की गोद में ही उसको सबसे ज्यादा सुकून मिलता है। लेकिन अलवर की एक मां ने मां शब्द को ही शर्मसार कर दिया। दरअसल, पश्चिम बंगाल की रहनेवाली एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी को मात्र १० हजार रुपए में बेच दिया था। करीब ६ महीने उससे देह व्यापार भी करवाया गया था। महिला का एक साथी अभी भी फरार है। जानकारी के अनुसार, लड़की को बंधक बनाकर उससे देह व्यापार करवाया जा रहा था। इस मामले में अलवर की पॉक्सो कोर्ट संख्या ०२ ने ११ वर्षीय बेटी को देह व्यापार के लिए बेचने वाली मां को १० साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश शिल्पा समीर ने अपने पैâसले में महिला पर साढ़े ५ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, `इस तरह के अपराधों में नरमी का रुख अपनाया गया तो समाज में गलत संदेश जाएगा। इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, गाजूकी गांव में बिल्लो नाम की एक महिला एक बच्ची को तस्करी कर लाई थी। उससे जबरन गलत काम कराया जा रहा था। जांच के बाद बच्ची को आरोपी महिला के घर से बरामद किया गया था। पूछताछ में ११ साल की बच्ची ने बताया कि उसे ६ माह पहले कोलकाता से यहां लाया गया था। बिल्लो उससे जबरदस्ती देह व्यापार कराती थी। गिरफ्तारी वारंट के बाद पुलिस ने १४ अगस्त २०२३ को पीड़िता की मां को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। २ अगस्त २०२५ को कोर्ट ने आरोपी मां को दोषी मानते हुए उसे १० साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर जुर्माना भी लगाया गया है।
