मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा एलान करते हुए कहा कि संगठन आगामी विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सम्मान करती है, लेकिन वह किसी राजनीतिक दल की “गुलाम” नहीं है। रविवार को शाहजहांपुर में आयोजित करणी सेना के सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने कहा कि संगठन तेजी से अपनी ताकत बढ़ा रहा है और चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार रखता है।
उन्होंने कहा, “हम चुनाव क्यों न लड़ें? जब राजभर जैसे लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है, अपना दल और अन्य छोटे दलों को सीटें दी जा सकती हैं, तो हम चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते? हमारे साथ बनिया, ब्राह्मण, क्षत्रिय समेत कई समाजों का समर्थन है।”
अम्मू ने दावा किया कि करणी सेना को विभिन्न वर्गों और जातियों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मंच से कई स्थानीय पदाधिकारियों और समर्थकों का नाम लेते हुए संगठन की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया।
करणी सेना अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया है। उन्होंने कहा, “हमने भाजपा को 37 साल दिए हैं, लेकिन पार्टी को उन लोगों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए, जिनके समर्थन से वह मजबूत हुई है।”
सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण को संबोधित करते हुए कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने प्रशासन से संगठन के प्रति निष्पक्ष रवैया अपनाने की मांग की। सम्मेलन के दौरान संगठन के विस्तार, आगामी राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा की गई। करणी सेना के इस ऐलान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
