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कुलगांव-बदलापुर सीवेज निकासी का मामला…हाई कोर्ट ने ठोका बिल्डर पर १० लाख का जुर्माना!.. नपा को भी ५० हजार रुपए देने का दिया आदेश

सामना संवाददाता / मुंबई

कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था और सीवेज सुविधाओं की कमी के कारण नागरिकों को हो रही असुविधा पर हाई कोर्ट ने चिंता व्यक्त की। यहां की गंभीर समस्याओं को देखते हुए उच्च न्यायालय ने नई मुंबई की तरह नियोजित शहर विकास के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने की आवश्यकता बताई। इतना ही नहीं, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से सटी जमीन में सीवेज के कारण हो रही असुविधा को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने बिल्डर को दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया। इसके साथ नगर परिषद को भी ५० हजार रुपए याचिकाकर्ता को देने का आदेश कोर्ट ने दिया।
बताया जाता है कि बिल्डर ए प्लस लाइफ स्पेसेस द्वारा बदलापुर में एक निर्माण कार्य किया गया है और सोसाइटी का गंदा पानी त्रिशूल गोल्डन विले हाउसिंग सोसाइटी के परिसर में बह रहा है, इसलिए यशवंत भोईर ने एडवोकेट अविनाश फंटागरे और एडवोकेट अर्चना शेलार के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरिफ डॉक्टर की पीठ ने इस याचिका पर पैâसला सुरक्षित रख लिया था। खंडपीठ ने शुक्रवार को पैâसला सुनाते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि मुख्याधिकारी द्वारा शहर का उचित तरह से व्यवस्थापन करना उनके नियंत्रण से बाहर की बात है। इसलिए हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि उल्हास नदी जैसे जल स्रोत में गंदा पानी छोड़ना और कचरे को फेंकना यह गंभीर चिंता का विषय है।

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