मुख्यपृष्ठसमाचारकुंभ की तैयारी या खुदाई महोत्सव?

कुंभ की तैयारी या खुदाई महोत्सव?

सुनील ओसवाल / नासिक

-करोड़ों खर्च, फिर भी धूल-गड्ढों में फंसा नासिक

-सिंहस्थ के नाम पर शहर बना विशाल निर्माण स्थल 

-नागरिकों के हिस्से आए ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था

सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के नाम पर नासिक में करोड़ों रुपए के विकास कार्य युद्धस्तर पर चलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। शहर की सड़कों पर धूल, गड्ढे, अधूरे काम और ट्रैफिक जाम का साम्राज्य पैâलता जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल मनपा के शहर अभियंता संजय अग्रवाल की कार्यशैली को लेकर खड़ा हो रहा है।
कुंभ प्राधिकरण की बैठकों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध कामों की बातें खूब हो रही हैं, लेकिन शहर में हालात ऐसे हैं कि मानो ठेकेदारों को खुली छूट मिल गई हो। नागरिकों और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा है कि करोड़ों रुपए के इन कामों की निगरानी आखिर कौन कर रहा है?
अब सांसद राजाभाऊ वाजे ने भी उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नासिक सांसद राजाभाऊ वाजे ने भी शहर में चल रहे कुंभ कार्यों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लिया। सांसद वाजे ने सार्वजनिक रूप से कई कामों की धीमी गति, नियोजन की कमी और नागरिकों को हो रही परेशानियों पर नाराजगी व्यक्त की। राजाभाऊ वाजे ने सवाल उठाया कि जब कुंभ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन के लिए अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तब शहरवासियों को धूल, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित कामों का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
‘फोन राज’ में चल रहा अभियंता विभाग?
मनपा के गलियारों में चर्चा है कि शहर अभियंता संजय अग्रवाल तक पहुंचना किसी बड़े वीआईपी से मुलाकात करने जैसा हो गया है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की शिकायत है कि फोन कॉल का जवाब मिलना मुश्किल है और फील्ड विजिट तो और भी दुर्लभ हो चुकी है।
ठेकेदारों की मौज?, जनता परेशान
शहर के कई हिस्सों में सड़कें दोनों ओर से खोदकर छोड़ दी गई हैं। कहीं बैरिकेडिंग नहीं, कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं, तो कहीं काम शुरू कर महीनों तक अधूरा छोड़ दिया गया है। नतीजा यह है कि नागरिक रोजाना धूल, ट्रैफिक और दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुंभ के नाम पर चल रहे कामों में निगरानी की कमी साफ दिखाई दे रही है।
कुंभ की तैयारी या खुदाई अभियान?
नासिक में इन दिनों सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है तो वह है खुदाई। शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों पर भी जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। नागरिक व्यंग्य में कहने लगे हैं कि कुंभ की तैयारी कम और खुदाई अभियान ज्यादा चल रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस शहर को कुछ ही समय बाद लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं का स्वागत करना है, उसी शहर के नागरिक आज बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
कुंभ मेले को लेकर प्रशासन भले ही तैयारियों के बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन नासिक की सड़कें, नागरिकों की परेशानी और सांसद राजाभाऊ वाजे की नाराजगी उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। शहर में अब तंज कसा जा रहा है कि ‘ठेकेदार मैदान में हैं, जनता परेशान है, सांसद सवाल पूछ रहे हैं और अभियंता साहब शायद अगली मीटिंग की तैयारी में व्यस्त हैं!’

 

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