– नरसी मेहता की भक्ति कथा में डूबे श्रद्धालु
राजेश सरकार / प्रयागराज
संत ईश्वर प्रेम जी महाराज के पांच दिवसीय जन्मदिन शताब्दी समारोह की कड़ी में मंगलवार को आयोजित कथा में गुजरात के प्रसिद्ध भक्त नरसी मेहता के चरित्र का भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन किया गया। कथा के दौरान भक्ति, विश्वास और भगवान के प्रति समर्पण से जुड़े ऐसे प्रसंग सामने आए, जिन्होंने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
गोवत्स विट्ठल जी महाराज ने श्रीमुख से नरसी मेहता के चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि नरसी जी की भक्ति और भगवान के प्रति अटूट विश्वास की गाथा आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका चरित्र सुप्रसिद्ध नानी बाई के मायरा के रूप में भी श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धा और भक्ति के साथ सुना जाता है। कथा में भक्त और भगवान के बीच विश्वास के अनूठे संबंध तथा भगवान की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा के दौरान सुमधुर भजनों और भक्तमाल के प्रसंगों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। भजनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।कथावाचक ने कहा कि भक्तों के चरित्र और भगवान की लीलाओं का श्रवण मन में ईश्वर के प्रति भाव, विश्वास और प्रेम को और गहरा करने का श्रेष्ठ माध्यम है।
समारोह में संत श्री भक्त प्रिया, संत प्रतिमा प्रेम जी, संत रमा शास्त्री जी, स्वामी कृष्ण प्रेम, कन्हैयालाल, नित्यमुक्ता जी, ज्ञान गंगा जी, आकाश गंगा जी, नीता जी, सीमा जी, योगराज मिश्र, जितेंद्र शर्मा समेत बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा के दौरान पूरा आश्रम परिसर भक्ति और आध्यात्मिक भाव से सराबोर रहा।
