मुख्यपृष्ठनए समाचार'क्षत्रिया' ने किया महाविद्यालयों में प्रबंध समितियों का पुनर्गठन

‘क्षत्रिया’ ने किया महाविद्यालयों में प्रबंध समितियों का पुनर्गठन

– बालचंद्र राणाप्रताप पीजी कालेज व विसेन बने विधि महाविद्यालय के प्रबंधक
-आठ दशक से सुल्तानपुर में शिक्षा के उन्नयन में नए सोपान गढ़ने में लगी हुई है क्षत्रिया शिक्षा समिति
-पचास हजार से ज्यादा विद्यार्थी ग्रहण कर रहे समिति से संचालित चार स्कूल-कॉलेजों में बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

आजादी के पहले चालीसवें दशक से ही जिले में ज्ञान का दीप जलाकर शिक्षोन्नयन में जुटी पूर्वांचल की ख्यातिप्राप्त क्षत्रिया शिक्षा समिति ने अपने दो शिक्षा संस्थानों राणाप्रताप पीजी कालेज व राणाप्रताप विधि महाविद्यालय की प्रबंध समिति में बदलाव करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। राणाप्रताप पीजी कालेज के बालचंद्र सिंह एडवोकेट व राणाप्रताप विधि महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. एमपी सिंह विसेन को बनाया गया है। ये निर्णय क्षत्रिया समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।
राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज, सुलतानपुर की प्रबंध समिति के गठन पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट ने बालचंद्र सिंह को पुनः महाविद्यालय का प्रबंधक मनोनीत किया। प्रबंध समिति के अन्य पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष के रूप में बजरंग बहादुर सिंह, सहायक प्रबंधक रणजीत सिंह, संप्रेक्षक सुरेंद्र नाथ सिंह, कोषाध्यक्ष आशीष कुमार अग्रवाल तथा विधि परामर्शदाता महेंद्र प्रसाद शर्मा को मनोनीत किया गया।
समिति के सदस्य के रूप में शुभ नारायण सिंह, धनंजय प्रताप सिंह, शिव प्रसाद सिंह, अरुण कुमार सिंह, सूर्य भान सिंह, सरदार अमरजीत सिंह तथा डॉ. विनोद कुमार सिंह का मनोनयन किया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रबंध समिति में महाविद्यालय के प्राचार्य पदेन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त तीन प्राध्यापक प्रतिनिधि तथा एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी प्रतिनिधि भी समिति में शामिल होंगे। बैठक में राणा प्रताप विधि महाविद्यालय, कूरेभार, सुलतानपुर की नई प्रबंध समिति के गठन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सर्वसम्मति से समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट ने राणाप्रताप पी.जी. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. एम.पी. सिंह बिसेन को राणा प्रताप विधि महाविद्यालय का प्रबंधक मनोनीत किया। प्रबंध समिति में ठाकुर प्रसाद सिंह को उपाध्यक्ष, देवांश सिंह को सहायक प्रबंधक, विनोद कुमार सिंह को संप्रेक्षक, करुणा शंकर द्विवेदी को कोषाध्यक्ष तथा संतोष कुमार गुप्ता को विधि परामर्शदाता मनोनीत किया गया। समिति के सदस्य के रूप में योगेश प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, शिव प्रताप सिंह, पशुपति नाथ सिंह, अनूप कुमार जायसवाल तथा अरविंद कुमार पाण्डेय का मनोनयन किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रबंध समिति के पदेन सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त तीन प्राध्यापक प्रतिनिधि तथा एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी प्रतिनिधि को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष संजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि विधि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संविधान, न्याय, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व की समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि नई प्रबंध समिति का उद्देश्य महाविद्यालय में ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जहां गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, अनुशासन और व्यावसायिक क्षमता का भी विकास हो। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों से संस्थान की प्रतिष्ठा और शैक्षिक प्रगति के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
नवनियुक्त प्रबंधक प्रो. एम.पी. सिंह बिसेन ने समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि विधि महाविद्यालय को विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुशासित शैक्षिक वातावरण का प्रभावी केंद्र बनाने की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा।

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