सामना संवाददाता / मुंबई
मालाड-पूर्व दत्त मंदिर रोड स्थित शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल में अखिल ब्रह्मविज्ञान संस्थान, मुंबई एवं राजभाषा हिंदी प्रचार संस्थान, मुंबई द्वारा शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल, मालाड के सौजन्य से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया ।समारोह अध्यक्ष आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन मुंबई के कार्याध्यक्ष रामकुमार पाल ने अपने संबोधन में जातिवाद, भाषावाद से ऊपर उठकर सनातन और राष्ट्रवाद अपनाने पर जोर दिया। स्वागताध्यक्ष भाजपा नेता अमित ओमप्रकाश दुबे ने आज के समय में सभी को जोड़ने का संदेश दिया । विशिष्ट अतिथि उत्तर भारतीय संघ मुंबई के महामंत्री देवेंद्र कुमार तिवारी ने भी इस साहित्यिक समारोह की खूब प्रशंसा की। अतिथि श्रेया लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड’ के अनिल कुमार मिश्रा ने हिंदी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह धनार्जन की भाषा है और इसे किसी को बोलने में हिचकना नहीं चाहिए। समाजसेवी शिक्षाविद् चंद्रवीर बंशीधर यादव एवं गुरूकुल की संचालिका प्रीति शर्मा का शाल, सुमन स्तबक स्मृति चिन्ह और ‘राष्ट्रभाषा सेवा सम्मान’ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।सरस्वती वंदना कवयित्री डॉ. रोशनी किरण ने प्रस्तुत किया राजभाषा हिंदी पर व्याख्यान डॉ. श्रीभगवान तिवारी एवं विजय पाण्डेय ने दिया। प्रथम सत्र सम्मान समारोह का संचालन संस्था के अध्यक्ष आचार्य रामव्यास उपाध्याय ने किया।
विराट कवि सम्मेलन में कविवर राम सिंह, कुसुम तिवारी, डॉ. रोशनी किरण, विवेक सिंह, नीतू पाण्डेय क्रांति, वाचस्पति तिवारी, राजेश दुबे ‘अल्लहड़’, रामस्वरूप साहु, मृदुला महक, एड राजीव मिश्र, कल्पेश यादव, प्रो. विजयनाथ मिश्र, सुमित्रा गुप्ता, अरुण दुबे ‘अविकल’, एड. विजय पाण्डेय, डॉ दिनेश वर्मा, रवि यादव, रीता कुशवाहा, रीना राय, श्रेया दुबे एवं जितेंद्र चौबे आदि कवियों ने काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन का कुशल संचालन संस्था के महामंत्री डॉ अवनीश सिंह ने किया।
संयोजन शिक्षाविद् आर. के.सर, बंशीधर दुबे, रमेश दुबे, प्रभाशंकर शुक्ल, सुजीत दुबे आदि ने किया। पिछले महीने संस्था ने अपने दो उच्च पदाधिकारियों चंद्रिका राय पूर्व प्राचार्य डाॅन बास्को स्कूल, कोषाध्यक्ष महापण्डित राहुल सांकृत्यायन फाउंडेशन तथा जनार्दन मिश्र कोषाध्यक्ष अखिल ब्रह्मविज्ञान संस्थान को खो दिया जिनकी आत्मा की शांति के लिए समारोह के अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
