-राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को, एमएलसी की सीटों पर 23 अक्टूबर को होगा चुनाव!
-भाजपा के 8 में से कितनों को फिर मिलेगा मौका?
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस और विधानपरिषद की 11 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दिया है। राज्यसभा की बात करें तो 10 में से 8 सीटों पर भाजपा और एक-एक सीट पर सपा और बसपा का कब्जा है। सभी का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। भाजपा के राज्यसभा सांसद अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, ब्रजलाल, केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सीमा द्विवेदी के साथ अंडमान और निकोबार के उप-राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर चुनाव होगा। इनके साथ सपा सांसद रामगोपाल यादव और बसपा सांसद रामलीलाल गौतम की सीट पर भी चुनाव होगा। विधानसभा का चुनाव कुछ ही महीनों में होगा।ऐसे में भाजपा व उसके सहयोगी तथा समाजवादी पार्टी दोनों की पहली चुनौती राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग रोकना होगा। क्रॉस वोटिंग नहीं हुआ तो भाजपा को 8 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिल सकती हैं। वर्तमान के सदन में 397 विधायक हैं। हर सफल प्रत्याशी को कम से कम 38 विधायकों का समर्थन चाहिये। हर प्रत्याशी को प्रस्तावक के रूप में दस विधायक की आवश्यकता होगी।
इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की खाली हो रही 11 सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी की गयी है। इन सदस्यों अवनीश कुमार सिंह, आशुतोष सिन्हा, मानवेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश गोयल, मान सिंह यादव, उमेश द्विवेदी, लाल बिहारी यादव, आकाश अग्रवाल, हरि सिंह ढिल्लो, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, श्रीचंद्र शर्मा का कार्यकाल समाप्त हो रहा हैं। विधानपरिषद के चुनाव के लिये 29 सितंबर से नामांकन होगा। 6 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तिथि है। 23 अक्टूबर को मतदान होगा। 27 अक्टूबर को आएंगे एमएलसी चुनाव के परिणाम आयेंगे। भाजपा ने अपने छह वर्तमान सदस्यों को पुनः प्रत्याशी बनाया हैं।
