सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार के कार्यकाल में मेड़ ही खेत को खा रहा है यानी जो लोग संरक्षण देने वाले हैं, वही लूट मचा रहे हैं। सरकार खुद भ्रष्ट लोगों को संरक्षण दे रही है। ऐसा आरोप शिवसेना नेता और सांसद संजय राऊत ने महायुति सरकार पर लगाया है। उन्होंने यह गंभीर आरोप अजीत पवार गुट के विधायक सुनील शेलके पर लगाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है और पूछा है कि महाराष्ट्र में क्या चल रहा है? कृपया इस लूट को रोका जाए।
संजय राऊत का आरोप लगाया कि एमआईडीसी की जमीन पर अवैध खनन, हजारों करोड़ की रॉयल्टी डुबाई गई है। उन्होंने पत्र में बताया कि मावल क्षेत्र में एमआईडीसी के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर सुनील शेलके ने पद का दुरुपयोग करके अवैध खनन किया है। इससे हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा तो हुआ, लेकिन सरकार को मिलने वाली करोड़ों की रॉयल्टी हड़प ली गई। उन्होंने सीएम को बताया कि आपके आस-पास मौजूद लोग सरकार को समर्थन देने के बदले में सरकारी खजाने को लूट रहे हैं। आपने कहा था कि भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा जाएगा, लेकिन अब तो उन्हें सरकार का संरक्षण ही मिलता दिखाई दे रहा है। सरकार ने मावल के आंबले गांव में किसानों की जमीन एमआईडीसी के लिए अधिग्रहित की है। इस परियोजना से गांव में रोजगार और विकास की संभावना बनी थी, लेकिन विधायक इस जमीन को खोदकर खा गए हैं।
राऊत के आरोप के अनुसार, आंबले गांव में क्रशर व्यवसायियों की खदानें हैं, जहां १०० फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। ये जमीनें औद्योगिक उपयोग के लिए अनुपयुक्त थीं इसलिए उन्हें राजपत्र में एमआईडीसी योजना से बाहर रखा गया था। बावजूद इसके विधायक सुनील शेलके ने २९ हेक्टेयर की अपनी और अपने परिवार की जमीन एमआईडीसी क्षेत्र में जबरन शामिल करवा दीं। बिना किसी वैध अनुमति के खनन कार्य शुरू किया और सरकार को रॉयल्टी भी नहीं दी। इतना ही नहीं, उन्होंने एमआईडीसी से अधिग्रहित जमीन के बदले वैकल्पिक जमीन की मांग भी कर दी। एमआईडीसी ने इस पर निर्णय लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा एक नहीं कई मामले यहां हैं।
