-१२३ दिनों में २६८ पुलिस अधिकारियों के तबादले
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
चुनावी रणभूमि में जीत सुनिश्चित करने के लिए ‘महायुति’ सरकार ने कई महीनों से ‘तबादला ताजपोशी’ का खेल जारी रखा है। इस सरकार ने महज १२३ दिनों में २६८ भरोसेमंद पुलिस अफसरों की मनचाही पोस्टिंग कर दी। इसे जहां महायुति का सत्ता संतुलन बनाए रखने का दांव माना जा रहा है, वहीं यह भी कहा जा रहा है कि सुशासन का दावा करनेवाली यह सरकार प्रशासनिक स्थिरता को दांव पर लगाकर सिर्फ अपने राजनीतिक हितों को साधने में लगी है।
ये तबादले सिर्फ अफसरों की कुर्सियां नहीं बदल रहे, बल्कि यह संदेश भी दे रहे हैं कि आनेवाले चुनावों में कौन सरकार की ‘आंख और कान’ बनकर काम करेगा। यह कार्रवाई सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी का राजनीतिकरण करती है और जनता का भरोसा तोड़ने का काम करती है।
सत्ता का खुला खेल
महायुति की इस तबादला राजनीति में केवल भरोसेमंद अफसरों को ही रणनीतिक पोस्टिंग दी गई। मुंबई, ठाणे, नागपुर और नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तैनाती से साफ हो गया कि चुनावी रणनीति के लिए पुलिस तंत्र को अपने पक्ष में करना मुख्य मकसद है। इसमें विरोधी नेताओं को प्रशासनिक शिकंजे में कसने की तैयारी भी साफ झलक रही है।
महिला अधिकारियों को दी गई नई जिम्मेदारी
महाराष्ट्र पुलिस विभाग में चल रहे फेरबदल के तहत गुरुवार को राज्यभर में कार्यरत १६ सहायक पुलिस आयुक्त और पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। यह आदेश राज्य के गृह विभाग द्वारा गुरुवार देर रात जारी किया गया। जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें राजेंद्र श्रीरंग शिरतोडे को मुंबई के सहायक पुलिस आयुक्त से परभणी गंगाखेड के उप विभागीय पुलिस अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है। इसी तरह दिलीप देवराव टिपरसे को गंगाखेड से अहिल्यानगर शहर में स्थानांतरित किया गया है।
वहीं दर्शन प्रकाशचंद दुगड़ को नियंत्रण कक्ष, पुलिस महासंचालक कार्यालय से मालेगांव वैंâप में उप विभागीय पुलिस अधिकारी बनाया गया। अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों में प्रदीप मुरलीधर पाटील, अशोक लालसिंग राजपूत, विजय गणपतराव कुंभार, विजयालक्ष्मी कुरी, श्वेता विष्णु खाडे और अश्लेषा जीतेंद्र हुले शामिल हैं, जिनकी जिले और शहरों में पदस्थापना की गई है। गृह विभाग के आदेश में महिला अधिकारियों को भी उच्च पदों पर नियुक्त किया गया है। इसमें वैशाली संतोष वैरागडे को नागपुर शहर से राज्य गुप्तवार्ता विभाग में अपर उप आयुक्त पद पर पदस्थ किया गया। इसी तरह ज्योत्सना जयसिंह मेश्राम को अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जांच समिति नागपुर से नक्सल विरोधी अभियान नागपुर में नई जिम्मेदारी मिली। अन्य अधिकारियों जैसे रोशन पंडित, स्वप्निल राजाराम राठोड, संपत सखाराम शिंदे, माणिक विठ्ठलराव बेंद्रे और अशोक आनंदराव कदम को भी नए पदों पर नियुक्त किया गया है। इनमें से कुछ को मुंबई, ठाणे और छत्रपति संभाजीनगर जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर जिम्मेदारी दी गई है।
चुनावी मैदान से पहले तैयार हो रही पिच
नागरिकों का आरोप है कि ये तबादले सत्ता के इशारे पर पुलिस तंत्र को अपने पक्ष में करने की खुली कवायद हैं। विपक्ष के नेताओं को प्रशासनिक शिकंजे में कसने और विरोधी गतिविधियों को कानून-व्यवस्था का नाम देकर दबाने की तैयारी भी साफ दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर, निकाय चुनाव से पहले मैदान अपनी मर्जी के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
