-४,७६५ हुई गिरफ्तारियां
-४,३३८ करोड़ के ड्रग्स जब्त
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महायुति राज में महाराष्ट्र भी उड़ता पंजाब बनता जा रहा है। यहां के युवा भी नशीले ड्रग्स की चपेट में आ रहे हैं, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब छात्रों में भी ड्रग्स सेवन की प्रवृति बढ़ रही है।
विधानमंडल सत्र के दौरान अपने ही पक्ष यानी भाजपा सदस्यों द्वारा पूछे गए लिखित सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया है कि पिछले १५ महीनों में ड्रग्स के ३,५२१ मामले दर्ज हुए हैं, जबकि ४,७६५ गिरफ्तारियां हुई हैं। इसी के साथ ही अलग-अलग कार्रवाइयों में ४,३३८ करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद हुए हैं। विधानमंडल के मानसून सत्र का कल तीसरा दिन था।
राज्य में बढ़ रही है नशाखोरी
ड्रग्स और शराब के कारण
२,८१८ लोगों ने की आत्महत्या!
महायुति सरकार की स्वीकारोक्ति
महाराष्ट्र में नशाखोरी बढ़ रही है। यह नशाखोरी अब लोगों की जान भी ले रही है। ड्रग्स और शराब के कारण राज्य में २,८१८ लोगों ने आत्महत्या की है। यह स्वीकारोक्ति खुद राज्य सरकार की है।
बता दें कि कल तीसरे दिन विधान परिषद में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने महायुति सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। इस बीच तारांकित प्रश्नोत्तर सूची में भाजपा की महिला सदस्य चित्रा बाघ, प्रसाद लाड, प्रवीण दरेकर और एड. निरंजन डावखरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिखित सवाल पूछे। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीते कुछ वर्षों से युवाओं के साथ ही छात्र भी नशे की आदी बनते जा रहे हैं? ऐसे में इन चीजों पर प्रतिबंध लगाने के लिए किस तरह की कार्रवाई की जा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले १५ महीनों में राज्य में ड्रग्स से संबंधित ३,५२१ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें ४,७६५ लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुल ४,३३८.९० करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।
भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री से यह जानना चाहा कि क्या छात्र भी अब गांजा, गुटखा जैसी चीजों के आदी हो रहे हैं? मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी से अप्रैल २०२५ के बीच ३७,१४९ लोगों पर कार्रवाई की गई है और ४४.४० लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
चौंकाने वाले आंकड़े
फडणवीस ने स्वीकार किया कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में ड्रग्स और शराब के कारण २,८१८ लोगों ने आत्महत्या की। राज्यभर में पान दुकानों पर गुटखा व प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
