मुख्यपृष्ठनए समाचारमहाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव...अंदरूनी मचमच से महायुति में महाफूट!

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव…अंदरूनी मचमच से महायुति में महाफूट!

-टिकट नहीं मिलने से सैकड़ों इच्छुक नाराज

-दूसरी पार्टियों का हाथ थामने के दे रहे हैं संकेत

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इस अंदरूनी मचमच ने गठबंधन के भीतर महाफूट की आशंका को जन्म दे दिया है। महायुति के तीन प्रमुख घटकों भाजपा, शिंदे और दादा गुट में एक जैसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। अभी से ही टिकट को लेकर सैकड़ों इच्छुक प्रत्याशी नाराज हैं। टिकट नहीं मिलने की संभावना से आहत ये कार्यकर्ता अब खुलेआम दूसरी पार्टियों का हाथ थामने के संकेत दे रहे हैं, जो महायुति के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि यह नाराजगी नहीं थमी, तो आगामी चुनाव में महायुति को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव जनवरी के अंत तक होने की संभावना है। इसके मद्देनजर प्रशासन सक्रिय हो गया है। जानकारी के अनुसार, राज्य में स्थानीय निकायों के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाने वाले हैं। इसी के साथ ही दीवाली के बाद चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। उसके बाद तीन से सवा तीन महीने तक यह प्रक्रिया चलेगी। शुरुआत में नवंबर में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव, फिर दिसंबर में नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव और जनवरी में महानगरपालिका के चुनाव होने की उम्मीद है। ऐसे में ये चुनाव सभी दलों की परीक्षा लेने वाला है। इसलिए राज्य के सभी दल अब से ही चुनावी तैयारियों में जुट चुके हैं। इस चुनावों की तैयारियों में सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी जुट गई हैं। हालांकि, दादा और शिंदे गुट के आए दिन आ रहे बयानों के मद्देनजर निकाय चुनाव में महायुति बरकरार रह सकती है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन में नाराजगी की चिंगारी भड़कने की प्रबल संभावना बनती जा रही है। इससे तीनों में बगावत की स्थिति बन सकती है। इस बार महायुति को विरोधियों के बजाय अपने सत्ताधारी सहयोगियों के बागी नेताओं का सामना करना पड़ सकता है।
बीजेपी, शिंदे और दादा गुट में बगावत
महायुति के तीनों दलों पर एकजुट रहने का दबाव अधिक है। इसलिए उनकी महायुति तो कायम रह सकती है, लेकिन इसके चलते बगावत की संभावना बढ़ रही है। इस बार महायुति में सबसे ज्यादा बगावत देखने को मिल सकती है। इस वजह से राजनीतिक परिदृश्य में नई गड़बड़ी देखने को मिलेगी।

अन्य समाचार