-बीएलओ का मानधन दोगुना कर पीट रही ढोल
-सत्ता का फोकस सिर्फ चुनाव पर
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार के राज में राज्य का खजाना खाली पड़ा है। महंगाई आसमान छू रही है और जनता बदहाली से कराह रही है। इसके बावजूद मौजूदा सरकार को इनसे कोई लेना-देना नहीं है। आलम यह है कि बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर का मानधन दोगुना कर ढोल पीटने में मशगूल महायुति सरकार आम जनता की असली समस्याओं पर पूरी तरह मौन बैठी है। किसानों की आत्महत्याएं, बेरोजगारी, स्वास्थ्य व शिक्षा की बदहाली और चरमराती मूलभूत सुविधाएं दरकिनार कर सत्ता पक्ष की सारी ताकत केवल आने वाले चुनावी समीकरण साधने पर ही केंद्रित है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर के वार्षिक मानधन में दोगुनी बढ़ोतरी की घोषणा की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, बीएलओ को अब प्रति वर्ष ६,००० रुपए के बजाय १२,००० रुपए दिए जाएंगे। साथ ही उनके प्रत्यक्ष सत्यापन और विशेष कार्यक्रमों के लिए वार्षिक विशेष प्रोत्साहन भी १,००० रुपए से बढ़ाकर २,००० रुपए कर दिया गया है। इसी तरह बीएलओ सुपरवाइजर के मानधन को भी १२,००० से १८,००० रुपए कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार यह सुधारित मानधन एक सितंबर से लागू हो गया है। इसका खर्च २०१५ निर्वाचन, मतदाता सूची तैयार करना व मुद्रण और कार्यालयीन व्यय से उठाया जाएगा।
घर-घर जाकर सर्वे करेंगे बीएलओ
प्रस्तावना में स्पष्ट किया गया है कि बीएलओ का काम सिर्फ वोटर सूची तैयार करना ही नहीं है, बल्कि घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरण करना, विशिष्ट वर्ग के मतदाताओं का डेटा जुटाना और मतदान के दिन केंद्र पर उपस्थित रहना भी शामिल है। सरकार का यह कदम, चुनावी तैयारी और प्रशासनिक मशीनरी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, विपक्ष और जनता इस बढ़ोतरी को सिर्फ चुनावी खर्च और जनता पर बढ़ते बोझ के रूप में देख रहे हैं।
चुनावी कार्यों में ही व्यस्त है सरकार
जनता सवाल कर रही है कि जब उनके रोजमर्रा के जीवन में समस्याओं का अंबार है, तब महायुति सरकार क्यों केवल चुनावी तैयारी में व्यस्त है। बीएलओ को बढ़ाया गया मानधन केवल दिखावा नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि सत्ता की नजर में विकास और जनकल्याण पीछे हट गए हैं। सड़कों की टूटी हालत, पानी की कमी, अस्पतालों में अधूरी सुविधाएं ये सब मुद्दे अब भी दबे हुए हैं, जबकि सत्ता चुनावी मंच पर चमकने के लिए हर कदम उठा रही है।
