सामना संवाददाता / झुंझुनू
राजस्थान के झुंझुनू स्थित पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म एवं यौन शोषण के मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार, 26 मार्च 2025 को पीड़ित बालक की मां ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि पहली घटना 5 सितंबर 2023 की है, जब पीड़ित बालक स्कूल जा रहा था। आरोप है कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपनी गाड़ी में बैठाकर एक धर्मशाला में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद 27 जनवरी 2025 को आरोपी ने बालक को दोबारा डरा-धमकाकर अपनी गाड़ी में बैठाया और उसके साथ फिर से दुष्कर्म किया। लगातार धमकियों और शोषण के कारण बालक मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। बाद में मां द्वारा पूछताछ करने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी।
न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भाम्बू ने की।
