सामना संवाददाता / मीरा रोड
मीरा-भायंदर महानगरपालिका के भ्रष्टाचार और लापरवाही की परतें अब इस कदर उधड़ चुकी हैं कि प्रशासन की साख पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। जेसल पार्क, भायंदर (पूर्व) स्थित ओस्तवाल दर्शन सोसायटी के आर.जी. प्लॉट पर बने अवैध सब्जी बाजार का सच सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। कागजी जांच में जो खुलासा हुआ है, वह चौंकाने वाला है, एमबीएमसी ने जिस ठेकेदार अमरसिंग जाधव के नाम पर ५ प्रमुख मार्केट शेड चलाने का ठेका आवंटित किया था, उनकी मृत्यु ११ फरवरी २०२२ को ही हो चुकी थी!
वर्षों तक इस सच को दबाए रखा गया। जब सोसायटी के निवासियों ने अपनी जगह छुड़ाने के लिए आवाज उठाई, तब प्रशासनिक फाइलों से यह काला सच बाहर आया।
स्थानीय नेताओं की छत्रछाया और हफ्ता वसूली का संगठित सिंडिकेट
ठेकेदार की मौत के बाद नियमानुसार अनुबंध अपने आप रद्द हो जाता है और एमबीएमसी ने नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने के आदेश दिए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अनुबंध रद्द होने के बावजूद आज भी इन मंडियों के विक्रेताओं से रोजाना किराया और हफ्ता कौन वसूल रहा है?
इस पूरे फर्जीवाड़े पर तीखा हमला बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रणजीत झा ने कहा, ‘भ्रष्टाचार एमबीएमसी के अधिकारियों की रग-रग में समा चुका है। जब हम किसी एक अवैध कब्जे या घोटाले के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उसके पीछे भ्रष्टाचार की कई और परतें खुल जाती हैं। मृत व्यक्ति के नाम पर शहर में ५-५ बाजार चलाना बिना राजनीतिक शह के संभव ही नहीं है। स्थानीय राजनेताओं के गुर्गे और समर्थक इस तरह की अवैध गतिविधियों को छत्रछाया देते हैं। एक सीमा के बाद एमबीएमसी के अधिकारी भी इन राजनेताओं के दबाव और प्रभाव के आगे पूरी तरह लाचार और बेबस हो जाते हैं। प्रशासन केवल कठपुतली बनकर रह गया है।’
प्रशासनिक लाचारी या मूक सहमति?
अगर अनुबंध स्वयमेव रद्द हो चुका है, तो मनपा का अतिक्रमण दस्ता इन जगहों को खाली कराने में नाकाम क्यों है? क्या स्थानीय राजनेताओं की शह पर चल रहे इस ‘हफ्ता सिंडिकेट’ में मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मूक सहमति है?
सोसायटी निवासी और शहर के नागरिक अब यह मांग कर रहे हैं कि मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों, दुकानदारों से अवैध वसूली करने वाले राजनीतिक गुर्गों और इसमें शामिल मनपा अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा ओस्तवाल दर्शन सोसायटी की आर.जी. जमीन तुरंत उन्हें वापस सौंपी जाए।
मृत ठेकेदार के नाम पर आवंटित ५ प्रमुख मार्केट शेड:
एमबीएमसी द्वारा ‘बांधा, वापरा व हस्तांतर करा’ की आड़ में अमरसिंग जाधव के नाम पर निम्नलिखित ५ स्थानों पर मार्केट शेड का ठेका दिया गया था:
• भायंदर (पूर्व): जेसल पार्क, आशा नगर स्थित ओस्तवाल दर्शन इमारत की आर.जी. जमीन पर बना मार्केट शेड
• भायंदर (पूर्व): आर.एन.पी. पार्क, कोलीवाड़ा स्थित मार्केट शेड
• मीरा रोड (पूर्व): बालाजी होटल के पीछे स्थित मार्केट शेड
• मीरा रोड (पूर्व): मंगल नगर मार्केट शेड क्र. ०२
• मीरा रोड (पूर्व): लतीफ पार्क (आ.क्र. ३०३) स्थित मार्केट शेड
