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गणेशोत्सव पर ‘आधी रात’ का ब्रेक!

-प्रशासन ने तय किए सिर्फ चार दिन
-रात १२ बजे तक ही गूंजेगा लाउडस्पीकर
-मंडलों ने फैसले पर जताई नाराजगी

सामना संवाददाता / मुंबई

गणेशोत्सव में ढोल-ताशे, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच देर रात तक लाउडस्पीकर की गूंज सुनने की उम्मीद लगाए बैठे गणेश मंडलों को इस बार सिर्फ चार दिनों की ही राहत मिली है। मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय ने गणेशोत्सव के दौरान निर्धारित चार दिनों में रात १२ बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी है। हालांकि, गणेश मंडलों की समन्वय समिति ने इस पैâसले पर असंतोष जताते हुए एक अतिरिक्त दिन की अनुमति देने की मांग उठाई है।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत जिलाधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में निर्धारित दिनों पर रात १२ बजे तक लाउडस्पीकर इस्तेमाल की अनुमति देने का अधिकार है। इसी व्यवस्था के तहत मुंबई शहर के लिए सालभर के विभिन्न त्योहारों के लिए कुल १५ दिन निर्धारित किए जाते हैं। इनमें गणेशोत्सव, नवरात्रि, दिवाली, क्रिसमस और ईद जैसे प्रमुख त्योहार शामिल हैं। इस बार गणेशोत्सव के हिस्से में सिर्फ चार दिन आए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार, १५ सितंबर २०२६ को गणेशोत्सव के दूसरे दिन, १८ सितंबर को पांचवें दिन के विसर्जन, १९ सितंबर को गौरी विसर्जन और २५ सितंबर को अनंत चतुर्दशी के विसर्जन जुलूस के दौरान रात १२ बजे तक लाउडस्पीकर की अनुमति रहेगी।
मंडलों की परेशानी यह है कि इनमें से तीन दिन मुख्य रूप से विसर्जन से जुड़े हैं। ऐसे में मंडलों को स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, आरती और अन्य आयोजन करने के लिए अलग से पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। इसी को आधार बनाकर समन्वय समिति ने सरकार और प्रशासन से एक और दिन आधी रात तक लाउडस्पीकर की अनुमति देने की मांग की है।
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, २००० के तहत सामान्य तौर पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की समय-सीमा रात १० बजे तक है। निर्धारित त्योहारों के दिनों में ही इसे रात १२ बजे तक बढ़ाने की छूट दी जाती है। प्रशासन का तर्क ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों की सुविधा बनाए रखना है।
अब गणेश मंडलों की नजर प्रशासन के अगले पैâसले पर है। सवाल यह है कि विसर्जन के दिनों को ही अतिरिक्त छूट मानने के बजाय क्या सरकार मंडलों की मांग पर एक अलग दिन की आधी रात तक की अनुमति देगी? गणेशोत्सव नजदीक आते ही इस मुद्दे पर प्रशासन और मंडलों के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मंडलों ने मांगी एक दिन और छूट
गणेश मंडलों की समन्वय समिति ने प्रशासन के फैसले पर असंतोष जताया है। मंडलों का कहना है कि निर्धारित चार दिनों में तीन दिन विसर्जन से जुड़े हैं। ऐसे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता। समिति ने एक अतिरिक्त दिन रात १२ बजे तक लाउडस्पीकर की अनुमति मांगी है।

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