सामना संवाददाता / वाराणसी
श्री काशी विश्वनाथ न्यास प्रांगण में चल रही शिव पुराण महाकथा के दौरान धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा धर्म जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे चिन्मय भारत न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत माता मिशन के केंद्रीय अध्यक्ष श्री महंत पं. अजीत मिश्रा का आयोजन समिति एवं कथा व्यास द्वारा सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति ने महंत जी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे धर्म जागरण एवं सनातन संस्कृति संरक्षण के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम के मुख्य यजमान प्रदीप भाई पटेल ने चिन्मय भारत न्यास की पूरी टीम को शिव महापुराण वितरित कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक साहित्य के प्रचार-प्रसार को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज में धर्म, संस्कार और सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले ऐसे प्रयास निरंतर होते रहने चाहिए। इस अवसर पर महंत पं. अजीत मिश्रा ने कथा व्यास जी से आग्रह किया कि शिव पुराण कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को गौ माता के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष स्थान है तथा गौ माता के दुग्ध से भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा का भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचार किया जाना चाहिए। महंत पं. अजीत मिश्रा के इस संदेश की आयोजन समिति सहित गुजरात से काशी पधारे अतिथियों ने भी सराहना करते हुए जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। उपस्थित विद्वतजनों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को केवल कथा श्रवण तक सीमित न रखकर समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और संस्कृति के प्रति जागरूकता का माध्यम बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में काशी विश्वनाथ न्यास के पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र पांडे, शैलेश , ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र सिंह, सुभाष तिवारी, अभिषेक राय, अमितेश उपाध्याय, डॉ. जेपी मिश्रा सहित अनेक विद्वतजन, धर्मप्रेमी एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। धर्म जागरण को नई दिशा देने का संकल्पशिव पुराण महाकथा के इस आयोजन में धर्म जागरण, गौ सेवा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर उपस्थित लोगों के बीच विशेष चर्चा हुई। आयोजन समिति ने कहा कि काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
