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सरकार की मंशा पर मंत्री झिरवाल ने खड़े किए सवाल … मराठा समाज को बांटे गए आधा-अधूरे कुनबी प्रमाणपत्र!

मंत्री नरहरी ने कहा- अदालत में नहीं टिकेगा प्रमाणपत्र
सामना संवाददाता / मुंबई
फडणवीस सरकार की मंशा पर उनके ही मंत्री ने सवाल खड़ा किया है। मराठा समाज को बांटे गए आधा-अधूरा कुनबी प्रमाणपत्रों के बाद खुद सरकार के मंत्री नरहरी झिरवाल ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने खुलेआम कहा कि सरकार द्वारा दिया गया यह प्रमाणपत्र अदालत में टिकेगा या नहीं, इस पर मुझे संदेह है। इस बयान ने मराठा समाज में उत्साह के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के मौके पर फडणवीस सरकार की ओर से कुनबी प्रमाणपत्र का वितरण किया गया। बीड, धाराशिव, लातूर, संभाजीनगर के साथ ही हिंगोली और परभणी जिलों में कल मराठा समाज को कुनबी प्रमाणपत्र दिए गए। हिंगोली के पालकमंत्री नरहरी झिरवाल के हाथों मराठा समाज को कुनबी प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कुनबी प्रमाणपत्र वितरण के बाद मीडिया से बात करते हुए नरहरी झिरवाल ने चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कुनबी प्रमाणपत्र दिया है, वह न्यायालयीन कसौटी पर खरा उतरेगा ही, यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। इससे मराठा समाज में गहरी बेचैनी और नाराजगी पैâल गई है।
दिवाली जैसा जश्न, पर मन में शंका
प्रमाणपत्र मिलते ही मराठा समाज ने इस दिन को दिवाली जैसा मानकर जश्न मनाया। आंदोलनकारी जरांगे पाटील को लोगों ने इसका श्रेय देते हुए भावुकता जताई, लेकिन सवाल बड़ा है कि क्या ये खुशी टिकाऊ है या सिर्फ दिखावा ही है?

बंजारा आरक्षण पर भी उलझन
झिरवाल ने बंजारा समाज के आरक्षण पर भी कानूनी पेंच का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एसटी प्रवर्ग में बंजारा समाज को आरक्षण देना है या नहीं, इसका पैâसला सरकार की मर्जी नहीं, बल्कि संविधान और हैदराबाद गजट करेगा। कारण संविधान और हैदराबाद गजट में क्या लिखा है, यह देखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज संविधान में दर्ज है और हर समाज को शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहिए।

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