-निजी कंपनी को सौंपी जाएगी पूरी जिम्मेदारी
सामना संवाददाता / मुंबई
दस साल पहले बड़े धूमधाम से मुंबईकरों की सेवा में शुरू की गई मोनोरेल सेवा को संभालने में एमएमआरडीए पूरी तरह नाकाम रही है। चेंबूर से जेकब सर्कल (महालक्ष्मी) के बीच चलनेवाली मोनोरेल में बार-बार तकनीकी खराबियां आ रही हैं, जिससे यात्री सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब मोनोरेल के रखरखाव और संचालन की पूरी जिम्मेदारी एक ही ठेकेदार को सौंपने की नौबत एमएमआरडीए पर आ गई है। इससे यात्री सेवा की गुणवत्ता सुधरेगी या फिर निजी कंपनी की मनमानी बढ़ेगी, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।
२०१४ में शुरू हुई इस सेवा को शुरू में मुंबईकरों का अच्छा प्रतिसाद मिला था, लेकिन फिलहाल मोनोरेल की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। रोज बढ़ते घाटे के बोझ से जूझ रही मोनोरेल को उबारने में महायुति सरकार विफल रही है। यात्री सेवा सुधारने में कोई ठोस कदम न उठा पाने वाले एमएमआरडीए के महामुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएम एमओसीएल) ने अब मोनोरेल की पूरी सेवा सीधे एक ही ठेकेदार को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक निजी कंपनी से पांच वर्ष का करार किया जाएगा। वर्तमान में मोनोरेल सेवा विभिन्न निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिनसे सालाना अल्पकालिक करार किए गए हैं, लेकिन कंपनियों के बीच समन्वय की कमी और ट्रेनों में खराबी या देरी के समय जिम्मेदारी तय करने में होनेवाले भ्रम के कारण, अब एक ही ठेकेदार को नियुक्त करने का पैâसला लिया गया है।
पर्याप्त ट्रेनें पूरे फेरे नहीं
मोनोरेल बेड़े में नई ट्रेनें शामिल की गई हैं। इसके बावजूद, नियमित फेरों का शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ चुका है। आठ पुरानी और सात नई खरीदी गई ट्रेनें उपलब्ध होने के बावजूद, २८ जुलाई को पूरे रूट पर सिर्फ एक ही ट्रेन चलाई गई। हैदराबाद की मेधा सर्वो ड्राइव्स द्वारा आपूर्ति की गई इन ट्रेनों को अभी तक यात्री सेवा के लिए पूरी सुरक्षा मंजूरी नहीं मिल पाई है।
सुविधाएं कम, चुनौतियां ज्यादा
चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (जेकब सर्कल) तक मोनोरेल की १९.५४ किमी लंबी लाइन है। इस मार्ग को पूर्वी उपनगर और दक्षिण मुंबई को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन मौजूदा महायुति सरकार के कार्यकाल में इस रूट पर सुविधाएं कम और समस्याएं ज्यादा हो गई हैं। बार-बार तकनीकी खराबियों के कारण मोनोरेल की ट्रिप्स रद्द होने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
