-मनपा ने दी चेतावनी
सामना संवाददाता / मुंबई
मानसून में देरी और जलाशयों में पानी की कमी के चलते मनपा ने जुलाई के पहले हफ्ते में १० प्रतिशत और पानी की कटौती करने पर विचार कर रही है। अगर जून के आखिर में होनेवाली बारिश के बाद भी जलाशयों का पानी लेवल नहीं सुधरा तो पानी कटौती निश्चित है।
मुंबई में पानी की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, क्योंकि शहर को पीने का पानी देनेवाले सात जलाशयों में कुल स्टोरेज वैâपेसिटी के १० प्रतिशत से कम हो गया है। मनपा ने पहले ही १० प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर दी है और डिमांड को मैनेज करने के लिए सरकारी सोर्स से एक्स्ट्रा रिजर्व पानी ले रही है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर के मुताबिक, मौजूदा पानी का स्टॉक, रिजर्व सप्लाई के साथ लगभग २० अगस्त तक शहर की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है। इस मुद्दे पर एक मीटिंग के दौरान चर्चा हुई, जहां सभी पार्टियों के नगरसेवकों ने मनपा की तैयारियों और इमरजेंसी प्लान के बारे में डिटेल्स मांगी। उन्होंने २००९ का उदाहरण दिया, जब पानी की लंबी कमी के कारण अधिकारियों को साल के ज्यादातर समय पानी की कटौती जारी रखनी पड़ी थी।
जुलाई में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है, लेकिन अधिकारी सतर्क हैं। पानी पर लगी रोक से सबसे ज्यादा असर आखिरी और ऊंचे इलाकों में रहनेवाले लोगों पर पड़ा है। पानी का प्रेशर कम होने से बिल्डिंगों की ऊपरी मंजिलों और दूर के मोहल्लों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने कहा कि चॉल में रहनेवालों ने भी पानी की कमी की बात कही है। इस समस्या को हल करने के लिए मनपा प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर भेज रही है।
