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मुंबई मसाला : इश्क का हाई-वोल्टेज ड्रामा!..बोरीवली स्टेशन पर प्रेमिका के पैरों में बिछ गया आशिक

जेदवी

सोशल मीडिया के दौर में प्यार जितनी तेजी से परवान चढ़ता है, उतनी ही तेजी से उसका नशा भी उतर जाता है। आए दिन प्रेम के नाम पर ऐसे-ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जो कुछ घंटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाते हैं। लोग इन्हें मनोरंजन, भावनाओं और बहस का विषय बना देते हैं, लेकिन इनके पीछे छिपे सामाजिक संदेश पर कम ही नजर जाती है।
हाल ही में बोरीवली रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक, कथित तौर पर अपनी प्रेमिका या एकतरफा प्यार के जुनून में युवती के पैरों पर गिर जाता है और स्टेशन पर लेटकर उसे आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश करता है। युवती बार-बार अपने पैर छुड़ाने का प्रयास करती नजर आती है, लेकिन युवक काफी देर तक उसे नहीं छोड़ता। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग मदद करने के बजाय मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने में जुट जाते हैं।
आखिरकार घटना की सूचना जीआरपी को दी जाती है। मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने युवक को युवती से अलग कराया और डांट-फटकार लगाकर वहां से भगा दिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा और देखते ही देखते १०-१२ घंटे के भीतर करीब एक लाख लाइक और हजारों टिप्पणियां बटोर लीं। वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो ध्रुवों में बंटी नजर आर्इं। कुछ लोगों ने युवक को नशे में बताया और चेतावनी दी कि ऐसे व्यवहार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। वहीं कुछ लोग भावुक होकर यह कहते भी दिखे कि, ‘इतना चाहने वाला आज के दौर में कहां मिलेगा?’
यह पहली घटना नहीं है। लगभग हर दिन सोशल मीडिया पर प्रेम, जुनून और सनक से जुड़े ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं। सवाल यह है कि क्या समाज को इन्हें केवल मनोरंजन का मसाला मानकर आगे बढ़ जाना चाहिए, या फिर ऐसे व्यवहार का विरोध कर उसे रोकने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए? गनीमत रही कि इस मामले में सुरक्षाकर्मी समय पर पहुंच गए और स्थिति संभाल ली। लेकिन हर घटना का अंत इतना सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं।
प्यार नहीं, सहमति सबसे जरूरी
प्रेम तभी सार्थक है, जब उसमें सम्मान और सहमति हो। किसी की इच्छा के विरुद्ध रास्ता रोकना, पैर पकड़ना या दबाव बनाना प्यार नहीं, बल्कि अनुचित व्यवहार है। बोरीवली की घटना ने रिश्तों की मर्यादा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व पर फिर बहस छेड़ दी।

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