-कांदिवली के होटल में भीषण आग
-२ हफ्ते में मुंबई का दूसरा बड़ा अग्निकांड
सामना संवाददाता / मुंबई
सोमवार तड़के कांदिवली स्टेशन रोड पर एक पांच मंजिला होटल में लगी आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। चौथी मंजिल पर लगी आग ने फॉल्स सीलिंग से होते हुए पास के फल स्टॉल और तिरुपति बैंक्वेट तक को अपनी चपेट में ले लिया। होटल में फंसे ११ लोगों को फायर ब्रिगेड ने २ घंटे की मशक्कत के बाद बचाया। हादसे के बाद अब होटल में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह हादसा सोमवार सुबह करीब ४:१४ बजे कांदिवली स्टेशन रोड स्थित एक पांच मंजिला इमारत में हुआ। आग सबसे पहले चौथी मंजिल की फॉल्स सीलिंग में लगी। मुंबई फायर ब्रिगेड के अधिकारी के मुताबिक, शुरुआत में आग इलेक्ट्रिकल वायरिंग तक ही सीमित थी, लेकिन वहां रखे लकड़ी के फर्नीचर व ज्वलनशील चीजों की वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
आग लगने के समय चौथी मंजिल पर करीब १५ मेहमान रुके हुए थे। कुछ लोग किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन ११ लोग होटल की सभी मंजिलों में पैâले घने धुएं में फंस गए। गलियारों में दम घुटने लगा। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायरफाइटर्स ने अंदर जाकर सभी मंजिलों से ११ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सोमवार दोपहर को मुंबई के चर्चगेट इलाके में महर्षि कर्वे रोड पर सात मंजिला इनकम टैक्स ऑफिस बिल्डिंग के बेसमेंट में आग लग गई। अभी तक किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है, जबकि दमकल ने बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
फायर ब्रिगेड अब इस बात की जांच कर रही है कि होटल में फायर सेफ्टी सिस्टम, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर लगे थे या नहीं। बिल्डिंग की एनओसी और फायर ऑडिट की फाइलें भी खंगाली जाएंगी। ये हादसा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही विले-पार्ले की एक रिहायशी इमारत में लगी आग में ढाई साल के बच्चे समेत २ लोगों की मौत हो गई थी। १५ दिन के अंदर मुंबई में आग की ये तीसरी बड़ी घटना है।
मुंबई फायर ब्रिगेड के खुद के आंकड़े बता रहे हैं कि शहर की ३ लाख से ज्यादा इमारतें बिना फायर कंप्लायंस के चल रही हैं। जनवरी से जून २०२६ में सिर्फ ६४४८ सोसायटियों ने ही फार्म बी जमा किया है। यानी कुल इमारतों का महज २ फीसदी। बाकी ९८ फीसदी मुंबईकर हर पल भगवान भरोसे खतरे में जी रहे हैं।
कागजों पर फायर सेफ्टी
कांदिवली से विले-पार्ले तक आग मुंबई को बार-बार जला रही है और हर बार एक ही सवाल उठता है कि फायर सेफ्टी कहां थी?
फायर एनओसी मिल जाता है, लेकिन ग्राउंड पर चेकिंग कोई नहीं करता है।
फायर सेफ्टी को लेकर डरावने आकड़े
