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मुस्लिम वर्ल्ड : अमेरिका के बम फुस्स निकले!.. ईरान ने रातों-रात खोल दी टनल

सूफी खान

ईरान ने अपनी इंजीनियरिंग की कारीगरी दिखाते हुए होर्मुज बंदरगाह तक जाने वाली अपनी सबसे खास टनल को फिर से शुरू कर दिया है।
वो टनल जिसको अमेरिका ने हाल ही में ‘तबाह’ बताया था। गौरतलब है कि अमेरिका एक खास रणनीति के तहत ईरान के कोस्टल एरिया पर हमले कर रहा है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक पहुंचने वाली सैन्य मदद रोकी जा सके। हाल ही में अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले किए। टारगेट था वो पहाड़ी रास्ता और टनल।
वही रास्ता जहां से ईरान के मिसाइल, हथियार, रसद और फौज होर्मुज के किनारे तक पहुंचती है। पेंटागन ने दावा किया था कि सुरंगें मिट्टी और मलबे से भर गई हैं। अब वहां से गाड़ी निकलना नामुमकिन है। लेकिन हकीकत ये है कि ईरान में पासदाराने इस्लाम यानी आईआरजीसी के इंजीनियर रातों-रात पहुंचे और काम शुरू कर दिया। मलबा हटाया, रास्ता खोला और ४८ घंटे के अंदर ही फौजी ट्रक फिर से दौड़ने लगे।
ईरानी मीडिया ने वीडियो दिखा दिया कि टनल खुली है, आवाजाही शुरू है। अमेरिका के सारे दावे हवा हो गए। दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की चाबी अब पूरी तरह से ईरान के पास है। इस चाबी से जो ताला लगता है, उससे अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया की तेल की सप्लाई हिल जाती है। इसके लिए टनल वाले दुर्गम रास्तों से ही ईरान अपनी फौज, मिसाइल और जरूरी सामान होर्मुज तक पहुंचाता है। अमेरिका का प्लान था कि ये टनल बंद हो गई, तो ईरान होर्मुज पर दबाव नहीं बना पाएगा। लेकिन ईरान की इंजीनियरिंग इतनी तेज है कि दुश्मन जो रात में तोड़ता है, वो सुबह तक जोड़ देते हैं।
पहले भी ४० दिन की जंग में रेलवे ट्रैक उड़ाए गए थे, ईरान ने रिकॉर्ड टाइम में जोड़ दिए थे। मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट कहते हैं कि इस बार अमेरिका छोटे मकसद के लिए लड़ रहा है, पिछले बार तो उसकी कोशिश इमाम खामेनेई की हत्या करके ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशन की रिजीम पलटना था जो नाकामयाब रहा, लेकिन इस बार अमेरिका का मकसद छोटा है। बस किसी भी तरह से आबनाए होर्मुज को ईरान से वापस लेना है अब यही अमेरिका का मिशन लग रहा है। वजह है अमेरिका में भी कच्चे तेल की सप्लाई अब प्रभावित होने लगी है और उसके रिजर्व कम होते जा रहे हैं।

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