मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड : अमेरिका के बिना भी दौड़ते हैं देश?

मुस्लिम वर्ल्ड : अमेरिका के बिना भी दौड़ते हैं देश?

ईरान ने बनाई ‘ढाल’, ट्रंप लाचार!

सूफी खान

अमेरिका भारत के साथ ही दुनिया के तमाम देशों को टैरिफ की धमकियां दे रहा है। अमेरिका की सत्ता संभालने के ६ महीनों बाद ही हालात ये हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ देशों पर भारी-भरकम टैरिफ भी लगाए हैं। ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड पर २५ फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया है। क्योंकि भारत, रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत कच्चा तेल खरीदकर उसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दामों पर बेचता है। इसमें कोई शक नहीं कि अमेरिका ग्लोबल ट्रेड का सबसे ताकतवर खिलाड़ी है। लेकिन मैदान में कुछ और खिलाड़ी भी हैं जो अमेरिका की ताकत को बरसों से चैलेंज देते रहे हैं।
इनमें सबसे लंबे समय से अगर कोई अमेरिका के प्रतिबंधों, शर्तों और अड़ंगों का सामना कर रहा है तो वो ईरान है। जी हां, मुस्लिम दुनिया का एक ऐसा मुल्क ईरान जो उन देशों में सबसे ऊपर है, जिनकी अमेरिका से पिछले ४७ सालों से नहीं बनती। जिसके अमेरिका के साथ लंबे वक्त से तनावपूर्ण संबंध हैं। ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई। अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। इसके बावजूद ईरान ने अपने तेल, गैस और घरेलू तकनीकी विकास पर फोकस किया। इसने रूस, चीन और तुर्की जैसे देशों के साथ व्यापारिक संबंध बनाए। ईरान ने अपने हेल्थ सेक्टर और एजुकेशनल सेक्टर को वर्ल्ड क्लास बनाया। खुद को इतना मजबूत किया, जो इन प्रतिबंधों के बावजूद बेहतर काम कर रहा है।
ईरान ने चीन के साथ २५ साल के आर्थिक और रणनीतिक समझौते पर साइन किए हैं। उसने कुछ माह पहले फिर से रूस के साथ अगले २० वर्षों के लिए समझौता किया है। समझौते ही वजह से ही चीन, ईरान में निवेश करता है और तेल खरीदता है। रूस के साथ भी हाल के दिनों में सैन्य और आर्थिक सहयोग ईरान से तेजी से बढ़ा दिया। ईरान ने घरेलू उद्योगों, जैसे डिफेंस, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया है। इतना ही नहीं, ईरान का मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम स्वदेशी है। यही वजह है कि जून में ईरान इजरायल और अमेरिका से एक साथ उलझ गया था। खुद पर हुए हमले का पलटवार उसने ऐसा किया कि दुनिया भी दंग रह गई। इजरायल को भी इस जख्मों से उबरने में समय लग रहा है।
ईरान के अलावा क्यूबा, वेनेजुएला और नॉर्थ कोरिया भी ऐसे देश हैं, जिन्होंने अमेरिकी दादागीरी को ताक पर रखकर खुद को बनाए और बचाए रखा। ईरान समेत इन मुल्कों ने दुनिया को दिखा दिया कि कोई देश अमेरिका से बगैर कारोबार करे भी अपनी अर्थव्यवस्था को चला सकता है। बिना अमेरिकी मदद के रूस और चीन को साथ लेकर ये मुल्क सर्वाइव कर रहे हैं। अमेरिकी एक्शन पर भारत का भी आक्रामक और सख्त रुख बता रहा है कि भारत भी अमेरिकी धमकियों और प्रतिबंधों से उबर सकेगा।

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