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मुस्लिम वर्ल्ड : इंतकाम लेंगे हूती ईरान आया साथ!..बोले, दुश्मन ने अपनी कब्र खुद खोद ली

सूफी खान

इजरायल ने हमास के साथ-साथ यमन के अंसारुल्लाह या हूतियों के खिलाफ भी हमले तेज कर दिए हैं। जिस तरह से इजरायल ने हमास के साथ-साथ हूतियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, उससे तो यह साफ हो गया है कि मिडिल ईस्ट में जंग और विकराल रूप लेने वाली है। बात अगर हूतियों के खिलाफ हमलों की करें तो यमन की राजधानी सना में हुए एक भीषण हवाई हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई है। इस हमले के लिए हूती विद्रोही गुट ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक गहरा गया है।
बताया जा रहा है कि इस भयानक और भीषण हमले ने सना के सरकारी क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। चश्मदीदों का कहना है कि तीन तेज विस्फोटों की आवाजें आर्इं, जिसके बाद पूरा इलाका धुएं और मलबे से ढंक गया। आपातकालीन सेवाओं को तुरंत मौके पर तैनात किया गया, लेकिन हूती प्रधानमंत्री और उनके साथ मौजूद कई अधिकारी मौके पर ही मारे गए। इन हमलों के बाद हूती विद्रोही गुट के सर्वोच्च नेता अब्दुल मलिक अल-हूती बेहद गुस्से में हैं, उन्होंने एक तल्ख बयान जारी करते हुए कहा है कि ‘इजरायल ने हमारे नेताओं को शहीद करके अपनी कब्र खुद खोदी है। अब जवाब नहीं, हिसाब होगा। यह बदला इतना क्रूर और पछताने योग्य होगा कि दुश्मन सदी भर याद रखेगा।’
उन्होंने चेतावनी दी है कि यमन के हूती लड़ाके जल्द ही ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलें और समुद्री नाकाबंदी जैसे सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। एक्सपर्ट कहते हैं कि यमन के अंसारुल्लाह या हूती लड़कों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से निरंतर समर्थन मिल रहा है, इसलिए ये संघर्ष केवल इजरायल और हूतियों के बीच नहीं रह सकता, बल्कि यह ईरान-इजरायल प्रॉक्सी वॉर की दिशा में बढ़ सकता है। ईरान ने आधिकारिक बयान में इस हमले की कड़ी निंदा की है, लेकिन सीधे इजरायल का नाम नहीं लिया। हालांकि, तेहरान से जुड़े मीडिया चैनलों ने इसे ईरानी साझेदारों पर हमला बताया है।
हैरानी की बात तो ये है कि हर बार की तरह इस बार भी इजरायल सरकार ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। किसी भी प्रकार की आक्रामकता का जवाब तुरंत और पूरी ताकत से दिया जाएगा। इजरायल ने अपनी सेना और एयर डिफेंस सिस्टम ‘आयरन डोम’ को रेड अलर्ट पर डाल दिया है। रेड सी, गाजा बॉर्डर और लेबनान सीमा पर सेना की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।
यमन की हूती या अंसारुल्लाह हुकूमत के प्रधानमंत्री की हत्या ने पहले से अशांत मिडिल ईस्ट में एक नई आग लगा दी है। उनके साथ उनकी वैâबिनेट के ९ मंत्री भी मारे गए हैं। दोनों पक्षों की बयानबाजी और सैन्य तैयारियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि आनेवाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। इजरायल और यमन के बीच गाजा को लेकर ये सीधा टकराव अब एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

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